युवा शिविर : युवा ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में ले जाने के लिए तत्पर गायत्री परिवार, वक्ताओं ने रखे अपने विचार

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रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज।
बीते गुरुवार गायत्री शक्तिपीठ, शंकरगढ़ में गायत्री परिवार द्वारा एक दिवसीय जिला स्तरीय युवा शिविर आयोजित किया गया। शिविर में रतलाम जिले के विभिन्न तहसीलों से युवा परिजनों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में गायत्री परिवार के मध्य जोन समन्वयक राजेश पटेल एवं प्रांतीय युवा समन्वयक विवेक चौधरी ने उपस्थित परिजनों को संबोधित किया।
अतिथियों ने देवमंच पर दीप प्रज्वलित एवं पुष्पार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। गायत्री परिवार रतलाम की महिला मंडल की बहिनों ने अतिथियों का मंगल तिलक कर स्वागत किया। कार्यक्रम में “गृहे गृहे गायत्री यज्ञ अभियान” में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए रामलाल एवं लालाशंकर पाटीदार का सम्मान किया गया। आगामी “24 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ” के लिए प्रभु एवं संगीता राठौर तथा “पर्यवारण आंदोलन” में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए संध्या एवं सूर्यप्रकाश शर्मा का सम्मान किया गया। युवा गोष्ठी में आलोट, जावरा, पिपलौदा, सैलाना, बाजना तहसील के तथा रतलाम के शहरी एवं ग्रामीण परिजन उपस्थित थे। शिविर पश्चात आगामी जनवरी माह में रतलाम शहर में प्रस्तावित 24 कुण्डीय गायत्री यज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कथा के संदर्भ में शहर के परिजनों ने गोष्ठी भी की।
स्वागत भाषण जिला युवा समन्वयक अर्जुन सिंह चौहान ने तथा आभार के शब्द मुख्य ट्रस्टी पातीराम शर्मा ने व्यक्त किए। जावरा के संजय गुप्ता ने प्रभावी तरीके से कार्य करने हेतु समूह बद्ध होकर कार्य करने की बात कही। प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ के सक्रिय सदस्य विकास शैवाल ने कार्यक्रम संचालन किया। कार्यक्रम में राजेंद्र बारौठ एवं आलोट की संगीत टीम ने गीतों की प्रस्तुति की।

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गुरुदेव ने युवावस्था में शुरू किया साधनात्मक जीवन
मुख्य अतिथि राजेश पटेल ने अपने उद्बोधन में युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी के जीवन पर प्रकाश डाला और उनके जीवन को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया। राजेश पटेल ने कार्यकर्ताओं को निर्देशित करते हुए कहा कि पूज्य गुरुदेव ने अपनी युवावस्था में साधनात्मक जीवन जीना शुरू कर दिया था। युवावस्था में स्वाधीनता आंदोलन में भाग लिया और उसके बाद एक विशाल आध्यात्मिक सामाजिक संगठन खड़ा किया। उन्होंने संस्कार परम्परा को पुनर्जीवित करने के लिए अपना जीवन जिया। पूज्य गुरुदेव ने धर्मतंत्र से लोकशिक्षण को अपना माध्यम बनाया। उनके प्रयासों के बदौलत आज गायत्री परिवार बाल संस्कारशाला एवं युवा जागृति अभियान जैसे आंदोलनों के माध्यम से देश समाज की युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा में ले जाने का प्रयास कर रहा है।

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कार्यक्रम की समझाई रूपरेखा
विशेष अतिथि विवेक चौधरी ने गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ द्वारा प्रान्त एवं देश भर में चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों की जानकारी उपस्थित परिजनों के साथ साझा की। उन्होंने युवा आंदोलन के अंतर्गत चलने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा समझाई। उन्होंने परिजनों को बताया कि जल एवं पर्यवारण संरक्षण, व्यसन एवं कुरीति उन्मूलन, आदर्श ग्राम योजना, युवाओं के व्यक्तित्व विकास एवं कैरियर गाइडेन्स, आओ गढ़े संस्कारवान पीढ़ी, कन्या एवं किशोर कौशल शिविर सहित अनेक माध्यमो से गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ युगऋषि पण्डित श्रीराम शर्मा आचार्य के लक्ष्य “धरती पर स्वर्ग का अवतरण एवं मनुष्य में देवत्व के उदय” को प्राप्त करने में प्रयासरत है। “हम बदलेंगे युग बदलेगा” के उद्घोष में हमारा परिपूर्ण विश्वास है।

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