रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज।
रतलाम जनपद की ग्राम पंचायत पलसोड़ा के प्रधान (सरपंच) कैलाश राठौड़ को कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने पद से पृथक कर दिया है। सरपंच ने ग्राम पंचायत की सरकारी जमीन (पट्टों) में हेरफेर कर निजी जमीन बता कर बेच दिया था। खुद की पत्नी के नाम भी शासकीय पट्टा नाम कर बाद में निजी जमीन बता कर बेच दिया था।
मालूम हो कि सरपंच के खिलाफ पलसोड़ा के ग्रामीणों ने 2 अक्टूम्बर को गांव में धरना दिया था। मौके पर पहुंचे ग्रामीण विधायक, भाजपा जिला अध्यक्ष को उल्टे पैर लौटना पड़ा था। अधिकारी भी पहुंचे लेकिन उनका आश्वासन काम नही आया ।कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने 15 दिन में जांच का आश्वासन दिया था। जांच कमेटी भी बनाई गई थी, लेकिन सत्ताधारी भाजपा सरपंच के खिलाफ जांच की काफी धीमी गति चली। भाजपा सरपंच ने बचाव को लेकर भोपाल तक जोर आजमाईश भी की। अन्ततः उसकी एक नहीं चली। साढ़े चार माह बाद शुक्रवार दोपहर कलेक्टर ने भाजपा सरपंच कैलाश राठौड़ को दोषी पाने पर पद से पृथक कर दिया।
भाजपा सरपंच पर यह गंभीर आरोप
भाजपा सरपंच राठौड़ ने कुटरचित दस्तावेज तैयार कर शासकीय जमीन (पट्टों) को निजी बताकर बेची थी। जांच में दोषी पाने पर यह कार्रवाई की गई। इसके अलावा ग्राम पंचायत में भी बेटे के नाम से फर्जी बिल लगाए गए, वह भी बिना जीएसटी के। जांच में सामने आया था कि करीब 800 बिल बिना जीएसटी के लगाए गए थे।
अब एसडीएम करेंगे जांच
सरपंच द्वारा शासकीय जमीन को बेचने व अवैध रूप से लोगों को पट्टे देने के मामले में शहर एसडीएम को कलेक्टर ने जांच सौंपी है। गॉंव के जिन-जिन लोगो ने शासकीय पट्टा जमीन लेकर बेच दी है उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम को जांच सौंपने से स्प्ष्ट है कि जिन अधिकारियों ने पूर्व में जांच की है उससे ग्रामीण भी संतुष्ट नहीं थे। कुछ दिन पहले ही शिकायतकर्ताओं ने एक जांच अधिकारी द्वारा सरपंच के बचाव को लेकर भी कलेक्टर से मिलकर शिकायत की थी। इसके अलावा जो भी तत्कालीन समय मे सचिव पदस्थ रहे है उनके खिलाफ भी जांच की जाएगी। कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने वंदेमातरम् न्यूज को बताया कि सरपंच को सेवा से पृथक कर दिया है।
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