LIVE : गांधी जयंती पर पलसोड़ा के ग्रामीण आखिर क्यों बैठे भूख हड़ताल पर, जनप्रतिनिधियों सहित प्रशासनिक अधिकारियों को हाथ जोड़कर बैरंग लौटाया, विधायक को जमकर सुनाई

LIVE : गांधी जयंती पर पलसोड़ा के ग्रामीण आखिर क्यों बैठे भूख हड़ताल पर, जनप्रतिनिधियों सहित प्रशासनिक अधिकारियों को हाथ जोड़कर बैरंग लौटाया, विधायक को जमकर सुनाई

रतलाम, वन्देमातरम् न्यूज।
महात्मा गांधी की जयंती पर रतलाम जिले के गांव पलसोड़ा के ग्रामीण ग्राम पंचायत सरपंच कैलाश राठौड़ के खिलाफ धरने पर बैठ कर भूख हड़ताल शुरू कर दी है। सुबह से प्रशासन के अधिकारी गांव पहुंचे मनाने की कोशिश की लेकिन ग्रामीण नहीं माने। यहां तक रतलाम ग्रामीण विधायक दिलीप मकवाना, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेन्द्रसिंह लुनेरा भी दोपहर बाद गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें घेर कर खरी खोटी सुनाई। ग्रामीणों ने विधायक को यह तक कह दिया कि वोट लेने आते हो उसके बाद आज तक ग्रामीणों की समस्या पर ध्यान नही दिया।
बता दे कि करीब 8 दिन पूर्व ग्रामीणों ने सरपंच की दबंगई, ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार व अवैध खनन के खिलाफ ज्ञापन देकर शिकायत की थी। लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी को लेकर ग्रामीण अहिंसात्मक रूप से भूख हड़ताल पर बैठ गए। इनके साथ ग्रामीण महिलाएं भी बैठी। एक बुजुर्ग महिला का कहना था कि उनके बेटे की पलसोड़ा फंटे पर दुर्घटना में निधन हो गया था। 8 माह से कई बार मदद के लिए ग्राम पंचायत से लेकर कलेक्टरोट में आवेदन दिए, लेकिन कोई मदद आज तक नहीं मिली। छोटे-छोटे बच्चे है। घर की आर्थिक स्थिति भी ठीक नही है। इसी तरह अन्य ग्रामीण भी गांव के सरपंच के खिलाफ लगातार शिकायत करते रहे।
कलेक्टर आएंगे तब ही उठेंगे
ग्रामीण एसडीएम प्रभारी अभिषेक गहलोत, सीएसपी हेमंत चौहान, तहसीलदार गोपाल सोनी, नायाब तहसीलदार पूजा भाटी भी धरना स्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों को समझाया, जांच का आश्वासन दिया। लेकिन ग्रामीण नहीं माने और अधिकारियों के समक्ष हाथ जोड़कर कलेक्टर को बुलाने की मांग पर अड़े रहे।

विधायक को सुनाई खरी खोटी
अधिकारियों के जाने के बाद ग्रामीण विधायक, भाजपा जिलाध्यक्ष भी गांव पहुंचे। ग्रामीणों ने उन्हें धरना मंच पर आने को कहा। लेकिन वह पास के ही मंदिर के ओटले पर बैठ गए। यहां ग्रामीणों ने उन्हें कहा कि यहां भाजपा व कांग्रेस का धरना नहीं है। यह ग्रामीणों की समस्या को लेकर बैठना पड़ा है। ग्रामीणों ने विधायक को चुनावी वादे भी याद दिला दिए, जिन पर आज तक कोई काम नही हुआ। यहां तक कहा कि जब गांव की समस्या के निराकरण के लिए फोन करते है तो मोबाइल भी रिसीव नही करते। विधायक के प्रति ग्रामीणों का आक्रोश काफी था।
कलेक्टर को लगाया फोन
ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए विधायक ने कलेक्टर कुमार पुरूषोत्तम को कॉल किया। वस्तुस्थिति से अवगत कराया। कलेक्टर ने तुरंत जांच के आदेश देते हुए सोमवार को 5 की संख्या में ग्रामीण से मुलाकात की बात कही। लेकिन इसके बावजूद ग्रामीण नहीं माने। ग्रामीणों का कहना था कि कलेक्टोरेट के चक्कर काटते हुए परेशान हो चुके, अब आश्वासन नहीं चाहिए। जब तक कलेक्टर नहीं आएंगे, हमारी भूख हड़ताल जारी रहेगी।

क्या बोले अधिकारी व नेता

ग्रामीणों की समस्या से कलेक्टर को अवगत कराया है। उनके द्वारा जांच का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों के सुख दुख में हम शामिल है। परिवार का मामला है सुलझा लेंगे।
दिलीप मकवाना, रतलाम ग्रामीण विधायक

गांव के कुछ लोगों को फ्री का चाहिए। मेरी जांच करवा ली जाए। हर जांच के लिए तैयार हूं। दुर्घटना में मौत के मामले में पंचायत से आवेदन जनपद को दे रखा है। वहां से राशि जारी नही हुई। अवैध खनन पर राशि संबंधित विभाग को जमा कराई है।
कैलाश राठौड़, सरपंच ग्राम पंचायत पलसोड़ा

ग्रामीणों की अलग अलग समस्याएं है। सभी को लिखित में देने को कहा है। 15 दिन में जितनी भी समस्याएं है उनका निराकरण किया जाएगा। इसके अलावा गांव में अलग से एक कैम्प भी लगाया जाएगा। पूर्व में सरपंच के खिलाफ की गई शिकायत की जांच जिला पंचायत सीईओ द्वारा करवाई जा रही है।
अभिषेक गहलोत, प्रभारी ग्रामीण एसडीएम

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