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भोपाल में खिलाड़ियों की मातृ शक्ति सम्मानित : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह होसबले ने कहा निश्चय की महामेरू थीं जिजामाता

भोपाल में खिलाड़ियों की मातृ शक्ति सम्मानित : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह होसबले ने कहा निश्चय की महामेरू थीं जिजामाता

– समारोह में सीएम, केन्द्रीय मंत्री मंडाविया, मंत्री सारंग सहित क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष तथा कैबिनेट  मंत्री काश्यप हुए शामिल

भोपाल/ रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। जिजामाता ने ही शिवाजी को छत्रपति शिवाजी महाराज बनाया। वे दृढ़ निश्चय की महामेरू थीं। वे एक कुशल प्रशासक भी थीं। उनके नाम पर सम्मान समारोह आयोजित कर नारी शक्तियों को सम्मानित करना देश की हर उस माता के त्याग और बलिदान को सम्मान देना,‍ जिन्होंने अपने परिश्रम से सींचकर देश को गौरवान्वित करने वाले खिलाड़ी तैयार किए। 

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले ने भोपाल स्थित रविन्द्र भवन में जिजामाता सम्मान समारोह में यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जिजामाता शौर्य और पराक्रम से परिपूर्ण एक धैर्यधारिणी माता थीं। उन्होंने वीर शिवाजी को रणांगन के कौशल की शिक्षा दी और के साथ कुशलतापूर्वक प्रशासन भी चलाया। शिवाजी महाराज को अपने राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए तैयार किया। उन्होंने झुकना नहीं सीखा। उन्होंने कहा था कि मेरा बेटा शिवा किसी का गुलाम नहीं रहेगा, वह स्वतंत्र राज्य का निर्माण करेगा। यह उन्हीं की प्रेरणा ही थी कि आगे चलकर छत्रपति शिवाजी महाराज ने स्वतंत्र हिंद राष्ट्र की नींव रखी। इसके पूर्व क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। मंत्री काश्यप ने कहा कि क्रीड़ा भारती खेलों के विकास के लिए समर्पित संगठन है। युवा वर्ग खिलाड़ियों का अनुसरण करते हैं। इसलिए खेलों को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए हमारी सरकार पूरी ऊर्जा के साथ इस दिशा में प्रयासरत है। हमारे मुख्यमंत्री स्वयं कुश्ती के खिलाड़ी रहे हैं और खेलों के प्रति उनका प्रेम जगजाहिर है। खेल को एक संस्कार की तरह पोषित और पल्लवित करने का जो काम क्रीड़ा भारती कर रही है, हमारी सरकार भी इस दिशा में पूरा सहयोग करेगी। कार्यक्रम में क्रीड़ा भारती के दीपक संचेती, राज चौधरी, शैलेन्द्र श्रीवास्तव सहित इस संगठन के अन्य पदाधिकारी, बड़ी संख्या में खिलाड़ी, उनके परिजन तथा खेलप्रेमी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मातृशक्ति को किया सम्मानित 

समारोह में क्रीड़ा भारती की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केन्द्रीय श्रम और रोजगार, युवा कार्य व खेल मंत्री मनसुख मंडाविया, खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप, क्रीड़ा भारती के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल सैनी की गरिमामयी उपस्थिति में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल स्पर्धाओं में देश को गौरवान्वित करने वाले खिलाड़ियों की माताओं को जिजामाता सम्मान से नवाजा गया।

जिजामाता ने हमें सिखाया दृढ़ संकल्प और साहस – मुख्यमंत्री

समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समाज के निर्माण में नारी शक्ति की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि जिजामाता ने हमें यह सिखाया कि दृढ़ संकल्प और साहस के साथ असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। उन्होंने राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण योजनाओं और नीतियों का जिक्र करते हुए बताया कि महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। यह आयोजन महिला सशक्तिकरण और समाज में उनके योगदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से ही किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब कोई खिलाड़ी राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धा में मेडल पाता है, तो यह सिर्फ उस खिलाड़ी के परिश्रम से ही नहीं, वरन् उस खिलाड़ी को तैयार करने में त्याग, बलिदान, समर्पण, साधना, भावना, अश्रु और परिश्रम की बूंदें बहाने वाली माता के भी अहम योगदान से हासिल होता है। भारत को भारत बनाने में और खिलाड़ी को खिलाड़ी बनाने में नारी की भूमिका सर्वोपरि है। 

इन ख्यात खिलाड़ियों की माताओं का किया सम्मान

कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय जिमनास्ट एवं खेल रत्न अवार्डी सुश्री दीपा कर्माकर की माता गौरीदेवी, अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी गोलकीपर पीआर श्रीजेश की माता ऊषा कुमारी, ओलम्पिक मुक्केबाज लवलीना की माता ममोनी देवी बोरबोदेन, टोक्यो एवं पेरिस दोनों पैरालम्पिक में स्पर्धा में गोल्ड मेडल विजेता पैराशूटर अवनि लेखरा की माता श्वेता जेवरिया, प्रदेश के अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी विवेक सागर प्रसाद की माता कमला देवी को जिजामाता सम्मान से सम्मानित किया गया। बीते वर्ष सम्पन्न हुई ओलम्पिक स्पर्धा में भाला फेंक में गोल्ड मेडल विनर नीरज चोपड़ा की माता सरोज चोपड़ा को भी इस सम्मान से नवाजा गया। उनकी अनुपस्थिति में उनकी ओर से नीरज चोपड़ा के चाचा भीमसिंह ने जिजामाता सम्मान ग्रहण किया। कार्यक्रम में ‘खेल-खिलाड़ी-खेल’ क्रीड़ा गीत की लॉचिंग (लोकार्पण) भी की गई।  

समारोह में दिए क्रीड़ा ज्ञान परीक्षा पुरस्कार 

चेतन्य काश्यप फाडण्डेशन द्वारा बीते तीन वर्षों से हर साल राष्ट्रीय स्तर पर क्रीड़ा ज्ञान परीक्षा का ऑनलाईन आयोजन किया जा रहा है। वर्ष 2024 में कुल 1 लाख 40 हजार प्रतिभागियों ने इस परीक्षा में भागीदारी की। फाउण्डेशन द्वारा इस परीक्षा के विजेताओं को हर साल पांच लाख रूपए की राशि से प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार दिए जाते हैं। प्रथम पुरस्कार एक लाख रूपये का तथा 50-50 हजार रूपए के दो द्वितीय और 11-11 हजार रूपए के 11 तृतीय पुरस्कार दिए जाते हैं। जिजामाता सम्मान समारोह में इस वर्ष का एक लाख रूपये का प्रथम पुरस्कार इंदौर मालवा प्रांत के पार्थ प्रजापत को तथा 50-50 हजार रूपये के दो द्वितीय पुरस्कार दक्षिण बिहार के अभिषेक कुमार और सौराष्ट्र प्रांत के देव करेलिया को दिया गया। इस परीक्षा के आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं में खेलों के प्रति जागृति का संचार करना है।


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Aseem Raj Pandey
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वर्ष-2000 से निरतंर पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विगत 22 वर्षों में चौथा संसार, साभार दर्शन, दैनिक भास्कर, नईदुनिया (जागरण) सहित अन्य समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल वंदेमातरम् न्यूज के प्रधान संपादक की भूमिका का निर्वहन। वर्ष-2009 में मध्यप्रदेश सरकार से जिलास्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार के अलावा रतलाम प्रेस क्लब के सक्रिय सदस्य। UID : 8570-8956-6417 Contact : +91-8109473937 E-mail : asim_kimi@yahoo.com

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