
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। मध्यप्रदेश के रतलाम (Ratlam) जिले के बाजना थाना अंतर्गत केलकच्छ चौकी प्रभारी (सब इंस्पेक्टर) केएल सोनार्थी के लाइन अटैच के बाद मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। बाजना थाने में फरियादी से मारपीट करने के आरोप से घिरे सब इंस्पेक्टर केएल सोनार्थी के खिलाफ कार्रवाई रतलाम एसपी अमित कुमार (Ratlam SP Amit Kumar) ने वंदेमातरम् न्यूज में खबर प्रकाशन के बाद मुद्दे की गंभीरता पर की है। सब इंस्पेक्टर केएल सोनार्थी के खिलाफ अब पूर्व में डीजीपी स्तर पर हुई शिकायत के बाद सैलाना एसडीओपी नीलम बघेल द्वारा जांच के दौरान की गई लीपापोती का मामला भी सामने आ चुका है। सैलाना एसडीओपी नीलम बघेल द्वारा की गई जांच में कई गंभीर सवाल खड़े हैं। बाजना थाने में महिला से अभ्रदता और उसके बेटे के खिलाफ झूठा प्रकरण दर्ज की डीजीपी को शिकायत के मामले में रतलाम एसपी अमित कुमार (Ratlam SP Amit Kumar) ने नए स्तर पर जांच की जिम्मेदारी दूसरे अफसर को सौंपी है। जांच पूरी होने के बाद संभावना जताई जा रही है कि लाइन अटैच सोनार्थी का सस्पेंड होना लगभग तय है।
बता दें कि शिकायतकर्ता रेश्मा बी, निवासी हमीरगंज (बाजना), का आरोप है कि उसके बेटे के खिलाफ वर्ष-2025 के अगस्त माह में सब इंस्पेटर केएल सोनार्थी ने कुछ लोगों के प्रभाव और कथित लेन-देन के चलते बिना जांच गंभीर धाराओं में झूठा मामला दर्ज किया था। जब उन्हें इसकी जानकारी मिली थी तो वह बाजना थाने पहुंची थी, जहां उन्हें पहले आवेदन लाने के लिए कहा था। आवेदन लेकर दोबारा पहुंचने पर भी उसकी शिकायत दर्ज नहीं की गई और उनतेसाथ अभद्र व्यवहार किया गया था। शकायतकर्ता रेश्मा बी का आरोप है कि जब उन्होंने मामले की शिकायत रतलाम एसपी (Ratlam SP Amit Kumar) से करने की बात कही थी तो सब इंस्पेक्टर केएल सोनार्थी ने कहा था कि जहां जाना है चले जाओ, मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता। महिला ने इसे पुलिस की मनमानी और सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण बताने के साथ भोपाल पहुंचकर डीजीपी कैलाश मकवाना से गुहार लगाई थी। डीजीपी मकवाना से जांच के आदेश जारी होने और विपरित साक्ष्यों के बावजूद करीब 11 माह बाद भी सब इंस्पेक्टर केएल सोनार्थी के खिलाफ नहीं होने का मामला वंदेमातरम् न्यूज ने प्रमुखता से प्रकाशिथ कर रतलाम पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए थे। मामले को रतलाम एसपी अमित कुमार (Ratlam SP Amit Kumar) ने संज्ञान में लेकर फाइल का अवलोकन कर पाया कि जांच के दौरान कई अनियमित्ता हैं। इसके चलते उन्होंने पीडि़ता को न्याय दिलाने के लिए पुन: फाइल खोलकर नए सिरे से जांच कराने के आदेश जारी किए हैं।
निर्दोष बेटे को झूठे मामले में फंसाने का मामला
पीडि़त महिला का आरोप है कि 17 अगस्त 2025 की शाम करीब छह बजे एक पुलिसकर्मी उसके घर पहुंचा था और कहा कि थाना प्रभारी (टीआई) ने बुलाया है। थाने पहुंचने पर टीआई मौजूद नहीं थे। वहां मौजूद सब इंस्पेटर केएल सोनार्थी ने उनसे कहा कि तू फिर आ गई, तेरी रिपोर्ट नहीं लिखेंगे, आज के बाद थाने मत आना। महिला का आरोप है कि उसे अपमानित कर थाने से भगा दिया था। डीजीपी को हुई शिकायत में उल्लेख्य किया गया है कि उनके बेटे के खिलाफ झूठी कार्रवाई उपसरपंच के कहने पर की गई थी। महिला का दावा है कि 15 अगस्त 2025 को एक अन्य मामले में पंचायत की कार्रवाई के दौरान उसका बेटा केवल सडक़ पर खड़ा होकर घटनाक्रम देख रहा था, लेकिन वास्तविक आरोपियों को बचाने के लिए उनके निर्दोष बेटे को झूठे मामले में फंसाया था।
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