– वित्तीय वर्ष खत्म होने में एक दिन शेष, आंकड़ा हो सकता 20 करोड़ रुपए के पार
रतलाम। रतलाम नगर निगम ने संपत्तिकर वसूली में प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। खबर लिखे जाने तक रतलाम नगर निगम द्वारा 19 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली की जा चुकी है। इस वर्ष रतलाम निगम ने 10% दर वृद्धि और जीआईएस सर्वे के पश्चात 5 गुना शास्ति अधिरोपित कर संपत्तिकर की वसूली की, जिससे राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
उल्लेखनीय वसूली के चलते निगम को 7 से 10 करोड़ रुपए की अंशदान राशि प्राप्त होने की संभावना है, जो शहर विकास कार्यों में उपयोग की जाएगी। पिछले वर्ष संपत्तिकर वसूली 13.52 करोड़ रुपए थी, जबकि इस वर्ष अब तक 19 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली हो चुकी है। आने वाले दिनों में यह आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है। जीआईएस सर्वे से पहले रतलाम निगम रिकॉर्ड में लगभग 56 हजार संपत्तियां दर्ज थीं, जबकि सर्वे के पश्चात यह संख्या बढ़कर 79 हजार हो गई। इसके अलावा, 13 हजार भवन और भूमि स्वामियों का रिकॉर्ड रतलाम निगम के पास उपलब्ध नहीं था। सर्वे के बाद इन सभी भवन और भूमि स्वामियों को सूचना प्रेषित कर संपत्तिकर जमा कराने हेतु पत्र भेजे गए थे। इसके आधार पर राजस्व में वृद्धि के साथ रतलाम निगम वर्तमान में संपत्तिकर से प्राप्त आय में पहला स्थान प्राप्त कर चुका है। संभावना है कि 31 मार्च-2025 खत्म होने से पूर्व रतलाम निगम का संपत्तिकर विभाग आंकड़े में 1 करोड़ की वृद्धि के साथ 20 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त कर नई उपलब्धि हासिल कर सकता है।
सीमित स्टाफ के बावजूद शानदार उपलब्धि
रतलाम निगम के पास राजस्व वसूली दल की संख्या बेहद सीमित है। कार्यालय में तीन सदस्यीय स्टाफ तथा फिल्ड में कार्यरत तीन कर्मचारियों ने यह महत्वपूर्ण कार्य किया। फील्ड में हरिश मिश्रा, देवेंद्र पुरोहित, सतीश यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जबकि कार्यालय में ध्यानसिंह डाबर, निलेश काबरा, नवीन बैरागी ने जिम्मेदारी पूर्वक कार्य कर रतलाम नगर निगम को प्रदेश में संपत्तिकर वसूली में पहले पायदान पर पहुंचाया है।
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