अमानवीय चेहरा : रतलाम के पुराने कलेक्टोरेट में महिला के साथ दो व्यक्तियों ने की मारपीट, मारपीट करने वाले बताए जा रहे शासकीयकर्मी

अमानवीय चेहरा : रतलाम के पुराने कलेक्टोरेट में महिला के साथ दो व्यक्तियों ने की मारपीट, मारपीट करने वाले बताए जा रहे शासकीयकर्मी

रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज।
रतलाम के पुराने कलेक्टोरेट में गुरुवार को अमानवीय चेहरा देखने को सामने आया। लोकसेवा केंद्र पर पहुंची महिला को संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर आवेश में आ गई थी। इस दौरान दो व्यक्तियों ने महिला को जमीन में घसीटने के साथ मारपीट करते हुए अचेत कर दिया। मारपीट करने वाले दोनों व्यक्ति शासकीयकर्मी बताए जा रहे हैं। शर्मिदंगीभरा घटना का वीडियों वंदेमातरम् न्यूज के संवाददताता ने कैमरे में कैद करने के दौरान दोनों व्यक्तियों को रोकने की कोशिश की तब उनके द्वारा महिला के साथ मारपीट करना बंद किया।
प्रदेश के मुखिया सीएम शिवराजसिंह चौहान महिलाओं के प्रति सम्मान को लेकर सजग हैं, लेकिन रतलाम के पुराने कलेक्ट्रोरेट में अधिकारियों की मौजूदगी में एक परेशान महिला के साथ दो पुरुषों ने मारपीट कर उसे अचेत कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गुरुवार सुबह से महिला आधार कार्ड बनाने के लिए लोकसेवा केंद्र पहुंची थी। लोकसेवा केंद्र के कर्मचारी उसे संतोषप्रद जवाब नहीं दे रहे थे और अभद्रता कर उसे भगाने की कोशिश में जुटे थे। महिला ने आवेष में आकर पत्थर हाथ में उठाकर कांच पर फेंकने की कोशिश की, हालांकि कांच नहीं टूटा। इसके बावजूद मौके पर मौजूद दो व्यक्तियों (जानकारों के अनुसार शासकीयकर्मियों) ने उसे भागते हुए पकड़ उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। मारपीट से महिला मौके पर ही अचेत होकर जमीन पर गिर गई। हंगामें की सूचना मिलने पर कार्यालय में बैठे कर्मचारी भी बाहर आए और घटनाक्रम में मूकदर्शक बनकर देखते रहे।

कैमरे में कैद हुई घटना


लोकसेवा केंद्र पर होती है रोज अभद्रता
पुराने कलेक्टोरेट स्थित लोकसेवा केंद्र पर मनमानी कार्य से आमजन परेशान हैं। बताया जाता है कि यहां के कर्मचारी शासन की योजनाओं के मुताबिक हितग्राहियों से संतोषप्रद जवाब नहीं देते और बुजुर्गों से भी अभद्रता करने से नहीं चूकते। लोकसेवा केंद्र पर पुख्ता अधिकारियों की मॉनीटरिंग के अभाव में ठेके पर सौंपी व्यवस्था के कर्मचारी मनमानी पर उतारू हैं। लोकसेवा केंद्र पर कर्मचारियों के आने-जाने का समय निर्धारित नहीं होने पर भी घंटों-घंटों बुजुर्गों के अलावा महिलाएं खड़ी रहती हैं और जिम्मेदारों को कोसते रहते हैं।

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