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Monday, May 20, 2024

एक से बढ़कर एक कला का अनोखा संगम : लखनऊ के बाद भोपाल का चिकनकारी वर्क देखना हो तो आ जाईये इस हस्तशिल्प मेले में, आखरी दो दिन शेष

रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज।
संत कबीर दास मध्य प्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम लिमिटेड भोपाल मध्यप्रदेश शासन द्वारा रतलाम के रोटरी क्लब भवन अजंता टॉकीज रोड पर आयोजित 17 दिवसीय हस्तशिल्प मेले में भोपाल की चिकनकारी वर्क की नायाब कारीगरी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। एक ही छत के नीचे 50 तरह के अलग अलग सामग्री को स्टॉल सभी को आकर्षित लर रही है।

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चिकन वर्क करागिरी का नाम आते ही सभी को एक ही नाम बताता है लखनऊ। नवाबों का शहर लखनऊ में ही चिकन वर्क हैंड एंब्रॉयडरी की नायाब कारीगिरी अभी तक होती आई है। इसी कारीगरी को लेकर भोपाल से आए मोहम्मद अरमान खान ने बताया कि वैसे तो चिकन वर्क लखनऊ का ही है परंतु मेरी भाभी लखनऊ की होने के कारण उन्हें चिकन वर्क हैंड एंब्रायडरी का बहुत अच्छा ज्ञान है। इस हुनर को उन्होंने शादी के बाद भोपाल में प्रशिक्षण देकर महिलाओं को इस कार्य हेतु तैयार किया और अब उम्दा काम भोपाल में भी चिकन वर्क का हो रहा है, जिसमें कई प्रकार का एंब्रॉयडरी वर्क होता है। उन्हीं कारीगरों द्वारा तैयार की गई सलवार सूट, साड़ियां, दुपट्टे कई रंगों और डिजाईनों में तैयार करवा कर मंदसौर प्रदर्शनी के लिए विशेष तौर पर लाए हैं जिनकी कीमत 300 रुपए से प्रारंभ होकर 4000 रुपए तक है। इस पर कॉटन, शिफॉन, जॉर्जेट आदि कपड़ों पर कार्य किया गया है। यह कारीगिरी बहुत ही सुंदर है। मोहम्मद अरमान द्वारा कलाप्रेमियों से आह्वान किया गया है कि एक बार इस कला को अवश्य देखें।


एक ही छत के नीचे इतने सारे आयटम
मेले में लेदर के जूते और चप्पल, टाटा एक्सपोर्ट लेदर के बैग, बेल्ट, पर्स, दूधी की लकड़ी के खिलौने, इंदौर के डेकोरेटिव आइटम, कोलकाता का जूट वर्क, सहारनपुर का शीशम फर्नीचर, खुर्जा के गमले एवं चीनी मिट्टी के सजावटी सामान, यूपी के टॉप्स, कान के झुमके, भोपाल का नवाबी बैग वर्क, चंदेरी की साड़ियां और सूट नीमच की बीड़ ज्वेलरी, जयपुर के सलवार सूट, खादी के बेड पिलो कवर, भोपाल का चिकन वर्क, लखनऊ का बुटीक वर्क, हैदराबाद के मोतियों के हार, मृगनयनी की साड़ियां, सूट और ड्रेस मटेरियल बनारस की साड़ियां सहित अन्य कई आइटम हस्तशिल्प मेले में उपलब्ध है।
यह खास है विशेषता
आइटम की खास विशेषता यह है कि यह सभी हस्तनिर्मित होने के साथ ही बाजार में कहीं भी उपलब्ध नहीं है। इतना ही नहीं हस्त शिल्प में भी यह एक वर्ष बाद रतलाम  में आम जनता को उपलब्ध होंगे। मेला प्रभारी दिलीप सोनी ने बताया कि मेले में आए सभी शिल्पी अपनी सामग्री बनाने में पारंगत है। ऐसे में उनकी उत्पादित सामग्री खरीदकर कला को प्रोत्साहन देने के साथ ही उन्हें आजीविका देने का काम भी रतलाम की जनता करती रही है। सोनी ने कहा कि मेला 4 दिसम्बर रात 9 बजे तक रहेगा। आम जनता सभी कलात्मक वस्तुओं को देखकर पसंद कर क्रय कर सकती है।

KK Sharma
KK Sharmahttp://www.vandematramnews.com
वर्ष - 2005 से निरंतर पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विगत 17 वर्ष में सहारा समय, अग्निबाण, सिंघम टाइम्स, नवभारत, राज एक्सप्रेस, दैनिक भास्कर, नईदुनिया (जागरण) सहित अन्य समाचार पत्र और पत्रिकाओं में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल वंदेमातरम् न्यूज में संपादक की भूमिका का दायित्व। वर्तमान में रतलाम प्रेस क्लब में कार्यकारिणी सदस्य। Contact : +91-98270 82998 Email : kkant7382@gmail.com
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