चिंताजनक : “डॉग बाईट” में रतलाम प्रदेश में दूसरे स्थान पर, एक माह में 125 से अधिक हुए शिकार

चिंताजनक : “डॉग बाईट” में रतलाम प्रदेश में दूसरे स्थान पर, एक माह में 125 से अधिक हुए शिकार

रतलाम, वन्देमातरम् न्यूज।
रतलाम जिले में लगातार श्वान के काटने की घटनाएं सामने आ रही है। शहर में पिछले कुछ माह से मुख्य सड़क व गली मोहल्लों में आवारा श्वानों की भरमार है, जिससे आने जाने वाले राहगीर व बच्चे आए दिन इनका शिकार हो रहे है। डॉग बाईट के मामले में रतलाम प्रदेश में दूसरे नंबर पर है। खुद कलेक्टर इस बात की जानकारी दे चुके है। फिर भी श्वानों से बचाने की कोई योजना धरातल पर नहीं है।
आंकड़ो के अनुसार एक माह के अंदर ही कुल 125 लोग शहर के अलग-अलग हिस्सों से आकर जिला अस्पताल में इलाज करवा चुके है। इनमें 47 बच्चे भी शामिल है। वहीं गत दिनों हुई समीक्षा बैठक में कलेक्टर कुमार पुरूषोत्तम ने भी शहर में श्वानों की भरमार को देखते हुए समस्या के निदान के लिए योजना बनाने के निर्देश निगम आयुक्त सोमनाथ झारिया को भी दे चुके है। कलेक्टर खुद कह चुके है डॉग बाइट के मामले में हम प्रदेश में दूसरे नंबर पर हैं यह बहुत चिंतनीय है।
निगम के पास नहीं कोई ठोस योजना
शहर के आवारा श्वानों से निपटने के लिए व उनकी संख्या को रोक पाने के लिए निगम के अफसरों के पास कोई ठोस योजना अब तक नहीं है। शहर की कुछ संस्थाओ के विरोध व न्यायालय के आदेश के कारण आवारा घूम रहे श्वानों को पकड़ने का काम निगम ने बिल्कुल बन्द कर दिया है। ऐसे में आवारा घूम रहे श्वानों को पकड़कर उनकी नसबंदी करना ही एक उपाय है, मगर अब तक निगम द्वारा इस पर कोई कार्य नहीं किया गया है। जिससे इतनी बड़ी संख्या में आवारा श्वान शहर भर में लोगो को घायल कर अपना शिकार बना रहे है।
झुंड के साथ निकलते है
जवाहर नगर मंशा माता मंदिर निवासी गोपाल चतुर्वेदी ने बताया क्षेत्र में श्वानों की भरमार है। झुंड बना कर एक साथ घूमते है। काफी डर लगता है। जिम्मेदारों को इस बारे में अवगत भी कराया, लेकिन कोई ध्यान नही देता। सन सिटी निवासी चन्द्रभाल ने बताया कि क्षेत्र में श्वानों की संख्या ज्यादा है। डर के कारण बच्चे भी घर के बाहर नहीं खेल पाते। इन पर रोक लगाना जरूरी है।

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