ये अंदर की बात है!.. : मादक पदार्थ के एक्सपर्टों ने फिर खोली दुकान, भेंट नहीं चढ़ाने पर भड़कते है सड़क नपती के साहब, नेताजी के बदलाव की बयार कितनी कारगार…?

ये अंदर की बात है!.. : मादक पदार्थ के एक्सपर्टों ने फिर खोली दुकान, भेंट नहीं चढ़ाने पर भड़कते है सड़क नपती के साहब, नेताजी के बदलाव की बयार कितनी कारगार...?

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असीम राज पांडेय, रतलाम। जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई अब औपचारिक बनकर रह गई है। नतीजतन गली-मोहल्लों में युवाओं तक सरलता से सूखा नशा वापस पहुंचने लगा है। महकमें के अंदरूनी खानों की खबर है कि मादक पदार्थ के खाकी के एक्सपर्ट (डॉक्टर) इक्का-दुक्का कार्रवाई कर शाबासी का तमंगा हासिल कर मौज-मस्ती के दिन गुजार रहे हैं। पोस्टिंग के लिए एप्रोच (पहुंच) लगाकर कप्तान के सामने मादक पदार्थ को जड़ से खत्म करने के लिए जिन खाकी के डॉक्टरों ने सपने दिखाए थे वह तस्करी की टीम में शामिल होकर चौके-छक्के लगा रहे हैं। जिले के जावरा, ताल और आलोट सहित आधा दर्जन थानों पर मादक पदार्थ के एक्सपर्ट (डॉक्टर) आखिर तस्कर (मरीज) तक क्यों नहीं पहुंच पा रहे हैं? यह सवाल आमजन के जेहन में प्रमुखता से उठने के साथ चर्चा का विषय बन चुका है। चौराहों पर चर्चा का बाजार इसलिए गरम है कि तत्कालीन दो कप्तानों की सख्ती के बाद तस्करों पर अंकुश के बाद अब वह वापस पिंजरे से बाहर निकलकर बेखौफ युवाओं को नशा उपलब्ध करवाकर मोटी राशि कमा रहे हैं। ये अंदर की बात है… कि जिले की कमान संभालने वाले कप्तान को भरोसा दिलाकर पोस्टिंग हासिल करने वाले मादक पदार्थ के एक्सपर्ट (डॉक्टर) के सामने तस्कर तो चिन्हित हैं, लेकिन उनके साथ संलिप्ता का नतीजा है कि अब एक कार्रवाई कर 9 मामले दबाए जा रहे हैं।

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भेंट नहीं चढ़ाने पर भड़कते हैं सड़क नपती के साहब

आमजन को मूलभूत सुविधाएं देने वाले म्युनिसिपल में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। तीन दिन पूर्व सफाई नहीं होने पर जुर्माना भरने वाला अधिकारी गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में पुरस्कृत होते है, वहीं विभाग प्रमुख का अधीनस्थों पर अंकुश नहीं होने के कारण भवन निर्माण की अनुमति पाने के लिए आमजन को चक्कर काटना पड़ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला वार्ड नंबर-20 से सामने आया है। वार्ड नंबर-20 की सड़कों की नपती करने वाले के मुंह में भ्रष्टाचार का खून कुछ ऐसा लगा हुआ है कि वह नपती करने वाले विभाग के मुखिया से खुद को ऊपर समझते हैं। ज्ञान का पिटारा इनके पास इतना है कि इन्हें आमजन अगर नियम विपरित होने वाले कार्य बता दें तो यह भड़क जाते हैं। आमजन की फाइल दबाने में माहिर सड़क की नपती करने वाले साहब पर नंबर दो के भ्रष्ट अधिकारी का संरक्षण है। हालांकि नंबर-दो के भ्रष्ट अधिकारी हाथ रंगने वाले विभाग में दर्ज एफआईआर और आर्थिक अपराध टीम ने घर पर मारी रेड के बाद सुर्खियां बंटोर चुके हैं। उनके करीबी सड़क नापने वाले विभाग की दिली तमन्ना यह है कि वह भी जल्द अपने मार्गदर्शक की तर्ज पर सुर्खियां बंटोरे। इसलिए वह भवन निर्माण के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वालों से न मिलकर मध्यस्तता निभाने वाले ऑनलाइन कंस्लटेंट (हाईटेक दलालों) के मार्फत रिश्वत वसूलने में जुटे हैं। ये अंदर की बात है… कि सड़क नापने वाले इन साहब को जब निर्माण अनुमति प्राप्त की चाह में परेशान आमजन नियम बताते है तो जवाब देते हैं कि उसको छोड़ो तुम अपनी बात करो। हालांकि इन सड़क नापने वाले साहब की शिकायत प्रदेश के मुखिया तक पहुंच चुकी है और इनके भ्रष्टाचार का पिटारा भी जल्द खुल सकता है।

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नेताजी के बदलाव की बयार कितनी कारगार…?

जिले के आदिवासी क्षेत्र में झोपड़ी से सुर्खियां बंटोरने वाले माननीय इन दिनों फिर से चर्चाओं में शामिल हैं। आदिवासी क्षेत्र की कुर्सी जितने के बाद बाइक से राजधानी पहुंचकर राष्ट्रीय स्तर पर छाने के बाद चंदा एकत्र करने वाले माननीय क्षेत्र के बच्चों को कोचिंग के माध्यम से बेहतर शिक्षा भी दे चुके हैं। अब माननीय क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए हुलिया तक बदल चुके हैं। गंजेपन को छिपाने के लिए माननीय ने विग लगाई। माननीय ने नया लुक की वजह यह बताई कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों की धरपकड़ के लिए हुलिया बदला है ताकि उन्हें कोई पहचान ना पाए। मीडिया में हुलिया बदलने का बहाना भले ही अपने नागरिकों की चौकीदारी और नंबर बढ़ाने के लिए दिया हो, लेकिन इनका आए दिन रंग बदलने से हर कोई वाकिफ है। ये अंदर की बात है… कि सप्ताह भर से साहब अवैध शराब की बिक्री को लेकर तत्परता दिखा रहे हैं, लेकिन इसके पीछे कहानी कुछ ऐसी निकलकर आ रही है कि अब क्षेत्र में कारोबार तो हम ही करेंगे। आदिवासी अंचल में माननीय को की उक्त कार्रवाई को अलग-अलग नजरिये से देखा जा रहा है। माननीय के समर्थक कार्रवाई को जनहितेशी करार दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सामाजिक परंपराओं में शराब के सेवन के प्रचलन पर लगने वाले अड़ंगे पर उनकी बिरादरी के कुछ लोग खफा हैं और दबाव का आरोप लगाने लगे है। अंनत: सवाल यह है कि माननीय के बदलाव की बयार कितनी कारगर होगी? यह आने वाला समय जल्द ही बताएगा।

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Aseem Raj Pandey
Aseem Raj Pandeyhttp://www.vandematramnews.com
वर्ष-2000 से निरतंर पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विगत 22 वर्षों में चौथा संसार, साभार दर्शन, दैनिक भास्कर, नईदुनिया (जागरण) सहित अन्य समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल वंदेमातरम् न्यूज के प्रधान संपादक की भूमिका का निर्वहन। वर्ष-2009 में मध्यप्रदेश सरकार से जिलास्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार के अलावा रतलाम प्रेस क्लब के सक्रिय सदस्य। UID : 8570-8956-6417 Contact : +91-8109473937 E-mail : asim_kimi@yahoo.com

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