
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। रतलाम (Ratlam) जिले में जमीन विवाद को लेकर हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड में न्यायालय (court) ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश रतलाम राजेश नामदेव की अदालत ने अभियुक्त राजू पिता गोबा गरवाल (24 वर्ष), तेलिया पिता दुलजी गरवाल (49 वर्ष) और गोबा पिता पूना गरवाल (52 वर्ष) निवासी ग्राम उमर बट्टा, थाना रावटी, जिला रतलाम को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास तथा 15-15 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया।
प्रकरण में पैरवीकर्ता अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने बताया कि 21 मई 2025 की रात करीब 11:30 बजे फरियादी रामचंद्र गरवाल और उनकी पत्नी ऐता बाई अपने घर के बाहर सो रहे थे। उसी दौरान पुरानी रंजिश और जमीन विवाद के चलते आरोपी गोबा, उसका पुत्र राजू और तेलिया लाठी लेकर वहां पहुंचे और रामचंद्र पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने रामचंद्र के सिर, दोनों हाथों और पीठ पर लाठियों से गंभीर वार किए। बीच-बचाव करने आई उनकी पत्नी ऐता बाई को भी सिर, पीठ और गर्दन पर चोटें आईं।

इलाज के दौरान हुई थी मौत
रामचंद्र की चीख-पुकार सुनकर उसका छोटा भाई पेमा और दामाद राजेश मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी मारपीट कर वहां से फरार हो गए। घायल रामचंद्र और ऐता बाई को उपचार के लिए पहले रावटी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज रतलाम रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान रामचंद्र की मौत हो गई।
खून से सने कपड़े किए थे बरामद
Ratlam जिले के रावटी थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर थाना प्रभारी दीपक मंडलोई के नेतृत्व में आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान घटना में प्रयुक्त लाठियां और खून से सने कपड़े बरामद किए गए। जांच पूरी होने के बाद न्यायालय में चालान पेश किया गया था।
आजीवन कारावास के यह बने प्रमुख आधार
1) रिपोर्ट दर्ज कराते समय रामचंद्र द्वारा घटना का दिया गया बयान, जिसका वीडियो बनाया गया था, अदालत ने मृत्युकालीन कथन माना।
2) पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों ने रामचंद्र के शरीर पर 16 चोटें पाई।
3) आरोपियों से जब्त लाठियों और कपड़ों तथा मृतक के कपड़ों में एफएसएल जांच में समान डीएनए मिला।
4) पीएम करने वाले डॉक्टर प्रदीप मिश्रा ने भी बताया कि मृतक की चोटें आरोपियों से जब्त लाठियों जैसे हथियार से ही लगी थीं।
11 गवाह और 68 दस्तावेज पेश
इस सनसनीखेज मामले को रतलाम एसपी ( Ratlam SP) ने चिन्हित प्रकरण घोषित किया था। न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाह, 68 दस्तावेज और 33 आर्टिकल पेश किए थे। न्यायालय (court) में प्रकरण आने के बाद मात्र छह माह के भीतर फैसला सुनाया गया। तीनों आरोपी 24 मई 2025 से लगातार जेल में बंद हैं।
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