
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। मध्य प्रदेश के रतलाम (Ratlam) में अनाज और माइनिंग कारोबार से जुड़े बड़े व्यवसायी (Businessman) सैय्यद अख्तर अली (Syed Akhtar Ali) और उसके परिवार के सदस्य धोखाधड़ी के मामले में अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। 2 मार्च 2026 को दर्ज हुई एफआईआर के बाद से आरोपी परिवार सहित भूमिगत हो गया है।
रतलाम (Ratlam) स्टेशन रोड थाना पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अब तक तीन बार दबिश दी, लेकिन हर बार वे पुलिस को चकमा देने में सफल रहे। पुलिस को आशंका है कि आरोपी दूसरे राज्य में छिपे हुए हैं। रतलाम एसपी अमित कुमार के अनुसार आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है।
जमीन सौदे में 90 लाख की ठगी का आरोप
इस मामले की शिकायत रतलाम (Ratlam) के ऑटोमोबाइल व्यवसायी विजय कटारिया ने दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में सर्वे नंबर 221/1 और 221/2 की करीब 4.47 हेक्टेयर जमीन का सौदा 2 करोड़ 70 लाख रुपए में हुआ था। इस सौदे के तहत उन्होंने 90 लाख रुपए अग्रिम के रूप में दिए थे। सौदे के अनुसार, शेष राशि दो वर्ष बाद रजिस्ट्री के समय दी जानी थी, लेकिन आरोपियों ने न तो रजिस्ट्री करवाई और न ही पैसे लौटाए।
रजिस्ट्री के नाम पर टालमटोल करता रहा आरोपी
शिकायतकर्ता के अनुसार, जब भी उन्होंने (Businessman) सैय्यद अख्तर अली (Syed Akhtar Ali) से रजिस्ट्री या पैसे वापस करने की बात की, तो वह लगातार बहाने बनाकर टालता रहा। पांच साल बीत जाने के बावजूद मामला जस का तस बना रहा। जांच के बाद पुलिस ने सैय्यद अख्तर अली (Syed Akhtar Ali), उसके भाई अफसर अली, मोहब्बत अली और बहनों अलताब बी व फिरोज बी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।
जालसाजी का जटिल खेल आया सामने
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि जिस जमीन का सौदा किया गया था, वह पहले से बैंक में गिरवी रखी गई थी। आरोपियों ने पहले लोन चुकाया, फिर आपसी हक त्याग कर जमीन सैय्यद अख्तर अली के नाम कर दी। इसके बाद अख्तर अली ने जमीन अपने बेटे मुर्तजा अली के नाम कर दी, जिसने उसी जमीन को एचडीएफसी बैंक में गिरवी रखकर दोबारा लोन ले लिया।
बैंकों के साथ भी धोखाधड़ी की आशंका
सूत्रों के मुताबिक, सैय्यद अख्तर अली (Syed Akhtar Ali) पर केवल इस मामले में ही नहीं, बल्कि सरकारी और निजी बैंकों से भी धोखाधड़ी के आरोप हैं। कुछ बैंकों ने बकाया वसूली के लिए कुर्की की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और आर्थिक लेन-देन की गहराई से जांच कर रही है, जबकि आरोपी अब भी फरार हैं।
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