
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। आए दिन प्रदर्शन कर मीडिया में सुर्खियां बंटोरने वाले करणीसेना परिवार प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर की मुसीबत बढ़ती जा रही है। रतलाम (Ratlam) जिले के पिपलौदा में चक्काजाम वाले प्रकरण के पांचवें दिन जीवन सिंह पर एक और नई एफआईआर (FIR) दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। यह नई एफआईआर (FIR) बांछड़ा समुदाय के लोगों को देह व्यापार से जोड़कर कथित टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने दर्ज कर ली। प्रदर्शनों के दौरान बेतुके बयानबाजी के कारण ही जीवनसिंह शेरपुर पर कानूनी शिकंजा सख्त हो रहा है।

Ratlam पुलिस के अनुसार बांछड़ा समुदाय के प्रतिनिधिमंडल ने 21 मार्च 2026 को रतलाम एसपी (Ratlam SP) कार्यालय में ज्ञापन दिया था। इसमें बताया था कि रतलाम, मंदसौर व नीमच जिले में 68 गांवों में हमारे समाजजन निवासरत हैं। सभी जगह पुरानी कुप्रथाएं बंद करके अब समाज मुख्यधारा से जुड़ रहा है। बल्कि समाज के युवा पुलिस, शिक्षा, सेना सहित विभिन्न शासकीय सेवाओं में कार्यरत हैं। करणीसेना परिवार प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर ने 30 जनवरी 2026 को माननखेड़ा चौकी परिसर में प्रदर्शन के दौरान बांछड़ा समाज को देह व्यापार से जोड़कर आपत्तिजनक, जातिसूचक और अपमानजनक टिप्पणी की। फिर 17 मार्च 2026 को रतलाम में चक्काजाम के दौरान भी समाज की महिलाओं के संदर्भ में अपमानित करने वाले शब्द कहे। वीडियो वायरल किए। इससे समाज की भावनाएं आहत हुईं। समाज के जो युवा, महिलाएं मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं, उन्हें अपमानित महसूस हुआ।
शिकायत की थी कि हमें धमकाया भी जा रहा
रतलाम एसपी अमित कुमार (Ratlam SP Amit Kumar) ने अजाक थाना प्रभारी से मामले की जांच करवाई। एएसपी विवेककुमार लाल ने बताया विभिन्न वीडियो की जांच-पड़ताल की। इसके बाद जीवन सिंह के खिलाफ बीएनएस की धारा 351 (3) और एससीएसटी एक्ट की धारा 3 (1) आर, 3 (1) एस और 3 (1) जेड के तहत एफआईआर दर्ज की है। इसके पहले 24 मार्च 2026 को पिपलौदा में चक्काजाम मामले में भी जीवन सिंह के खिलाफ रास्ता रोकने का केस दर्ज हो चुका है।
एक्शन प्लान तैयार, 24 घंटे होगी निगरानी
जीवन सिंह ने प्रदर्शनों के दौरान देह व्यापार बंद करवाने और अवैध शराब बिक्री रुकवाने की मांग की थी। इसे लेकर भी पुलिस ने एक्शन प्लान तैयार किया है। परवलिया, बागाखेड़ा, ढोढर, माननखेड़ा, पिपल्याजोधा सहित जहां भी इनकी बस्ती है। वहां 24 घंटे निगरानी की जाएगी ताकि बाहर से आने वालों को रोका जा सके। उनके खिलाफ सख्ती से कार्रवाई होगी। पिछली कार्रवाइयों को देखें तो इंदौर सहित विभिन्न जिलों से रविवार और अन्य छुट्टियों के दिन ज्यादा लोग इन गांव की बस्तियों में आते हैं। कई बार विवाद होते हैं। इसे ही जीवन सिंह ने मुद्दा बनाया था। एक तरफ पुलिस ने जीवन सिंह की टिप्पणी को लेकर कार्रवाई कर दी। अब उनकी मांग के अनुसार उक्त बस्तियों से कुप्रथाएं पूरी तरह बंद करने तथा समाज को अन्य स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयास भी होंगे। रतलाम एसपी अमित कुमार (Ratlam SP Amit Kumar) ने वंदेमातरम् न्यूज को बताया कि जल्द इसके अच्छे परिणाम सभी को देखने को मिलेंगे।
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