Ratlam : मोबाइल व्रत अपनाएं, परिवार बचाएं – संत श्री हरिराम जी महाराज

- अलकापुरी में भक्ति-संगीत के बीच हुआ भव्य स्वागत, संस्कार और संवाद पर दिया विशेष जोर

Sant Shri Hariram Ji Maharaj in Ratlam

रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। रतलाम (Ratlam) अलकापुरी क्षेत्र भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर हो उठा, जब अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय, शाहपुरा पीठ, जोधपुर के परम पूज्य रामस्नेही संत श्री हरिराम जी महाराज शास्त्री (Sant Shri Hariram Ji Maharaj) का क्षेत्रवासियों ने भव्य स्वागत किया। पूर्व पार्षद वंदना अनिल पुरोहित के निवास पर आयोजित कार्यक्रम में मातृशक्ति ने सुमधुर भजनों की स्वर-लहरियों के साथ संत श्री की अगवानी की।

ढोल-नगाड़ों के साथ निकली शोभायात्रा

संत श्री (Sant Shri Hariram Ji Maharaj) के आगमन का समाचार मिलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक अलकापुरी चौराहे पर एकत्रित हो गए। यहां से ढोल-नगाड़ों और जयकारों के साथ शोभायात्रा निकाली गई, जो प्रवचन स्थल तक पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।

परिवारों में बढ़ रही दूरी का कारण बना मोबाइल

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‘संस्कार और धर्म’ विषय पर आयोजित प्रवचन में संत श्री हरिराम जी महाराज (Sant Shri Hariram Ji Maharaj) ने कहा कि वर्तमान समय में परिवारों में विघटन तेजी से बढ़ रहा है। परिवार के सदस्य एक-दूसरे के साथ रहते हुए भी आत्मीय संवाद से दूर होते जा रहे हैं। साथ बैठकर भोजन करने की सनातन परंपरा समाप्त होती जा रही है और उसकी जगह साथ बैठकर मोबाइल चलाने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यही पारिवारिक टूटन का मूल कारण है। अब समय आ गया है कि हर परिवार ‘मोबाइल व्रत’ का संकल्प ले, ताकि परिवारों में संवाद, प्रेम और आत्मीयता पुनः स्थापित हो सके।

रतलाम धर्मनगरी, यहां आना सौभाग्य

संत श्री (Sant Shri Hariram Ji Maharaj) ने कहा कि रतलाम (Ratlam) धर्मनगरी है और यह उनका सौभाग्य है कि एक माह में दूसरी बार यहां कथा एवं प्रवचन का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज अपनी गौरवशाली परंपरा, संस्कार और वैदिक शिक्षा को नई पीढ़ी तक पहुंचा सकता है। इससे युवाओं में धर्मनिष्ठा और संस्कारों का विकास होगा।

गुरु के बिना ज्ञान अधूरा : संतवृन्द

इस अवसर पर ब्यावर से पधारे भगवताचार्य पं. गोपालराम जी महाराज तथा जावद से पधारे संत मगनीराम जी महाराज ने गुरु महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गुरु द्वारा दी गई शिक्षा आत्मा में ज्ञान का दीप प्रज्वलित करती है। गुरु के बिना ज्ञान की कोई परिभाषा नहीं है। गुरु की छत्रछाया में जीवन सुखमय और सफल बनता है।

अनेक संत एवं गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित

कार्यक्रम में जोधपुर से संत श्री हनुमतराम जी, जावद से संत मगनीराम जी, वैद्य शिवराम जी सहित अनेक संतवृन्द उपस्थित रहे। प्रारंभ में संत श्री का स्वागत सूर्यकांत पुरोहित, नरेंद्र यादव, प्रकाश परमार, अशोक देवड़ा, अनिल उपाध्याय, पुष्पेंद्र पाराशर, राजेश तिवारी, राजेश चाष्टा, नवीन व्यास, राजेश डोरिया, जलज शर्मा, अनिल आचार्य, पंकज परिहार, विनीत कौशिक, अनिता आचार्य, प्राची पुरोहित, अश्विन तिवारी, सीमा सांखला, रानी परमार, इंदु शर्मा, श्वेता तिवारी, हर्षुल अग्रवाल, मंजू शर्मा, अरुषा शर्मा सहित अनेक श्रद्धालुओं ने किया। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन सामाजिक कार्यकर्ता अनिल पुरोहित ने माना।


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Aseem Raj Pandey
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वर्ष-2000 से निरतंर पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विगत 22 वर्षों में चौथा संसार, साभार दर्शन, दैनिक भास्कर, नईदुनिया (जागरण) सहित अन्य समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल वंदेमातरम् न्यूज के प्रधान संपादक की भूमिका का निर्वहन। वर्ष-2009 में मध्यप्रदेश सरकार से जिलास्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार के अलावा रतलाम प्रेस क्लब के सक्रिय सदस्य। UID : 8570-8956-6417 Contact : +91-8109473937 E-mail : asim_kimi@yahoo.com

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