
नामली, वंदेमातरम् न्यूज। इंदौर-नीमच फोरलेन (Four-lane road) पर नामली क्षेत्र अंतर्गत आने वाले हादसाग्रस्त चौराहों को अब जल्द ही सुरक्षित बनाया जाएगा। लगातार हो रहे सड़क हादसों, बढ़ते जनआक्रोश और हाल ही में हादसे से मुकेश कुमावत की दर्दनाक मौत के बाद फैले जनाक्रोश से मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) सुरक्षा उपायों को लेकर अब नींद से जागा है। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) के उप संचालक अमित कुमार भूरिया ने नामली फोरलेन क्षेत्र के प्रमुख जंक्शनों का मौका मुआयना कर आवश्यक व्यवस्थाओं के निर्देश दिए।

पंचेड़, पल्दुना, गोकुल और मंडी गेट चौराहों का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान उप संचालक भूरिया ने पंचेड़ फंटा, पल्दुना फंटा, गोकुल चौराहा और मंडी गेट चौराहा पहुंचकर यातायात व्यवस्था और सुरक्षा मानकों का जायजा लिया। इस दौरान समाजसेवी बंटी डाबी, वरिष्ठ नागरिक भगवती लाल गेहलोत तथा मुकेश जाट सहित स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद रहे। स्थानीय लोगों ने अधिकारियों को बताया कि इन चौराहों पर पर्याप्त रोशनी और नियंत्रित यातायात व्यवस्था नहीं होने से आए दिन हादसे होते हैं और कई लोग हादसे में अपनी जान गवां बैठे हैं।

हाईमास्ट लाइट और स्पीड ब्रेकर लगाने का आश्वासन
निरीक्षण के बाद MPRDC के उप संचालक अमित कुमार भूरिया ने बताया कि दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए नियमों के अनुरूप स्पीड ब्रेकर बनाए जाएंगे। साथ ही रात के समय दृश्यता बढ़ाने के लिए प्रमुख फंटों और चौराहों पर हाईमास्ट लाइटें लगाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा संबंधी आवश्यक तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
मुकेश की मौत के बाद बढ़ा था जनआक्रोश
गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व नामली फोरलेन (Four-lane road) क्रॉसिंग पर हुए सड़क हादसे में मुकेश कुमावत की मौत हो गई थी। घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया था। सर्व समाज ने विरोधस्वरूप मृतक का अंतिम संस्कार फोरलेन सड़क पर करने का निर्णय लिया था, जिससे चक्काजाम जैसी स्थिति बन गई थी। करीब दो दिनों तक चले प्रशासनिक गतिरोध के बाद एमपीआरडीसी अधिकारियों द्वारा लिखित आश्वासन दिए जाने पर ग्रामीणों ने आंदोलन समाप्त किया था।
तकनीकी खामियां और अंधेरा हादसों की वजह
निरीक्षण के दौरान समाजसेवी बंटी डाबी ने अधिकारियों के सामने पिछले वर्षों में हुई कई दुर्घटनाओं और मौतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि तकनीकी खामियों, पर्याप्त संकेतकों की कमी और अंधेरे के कारण ये चौराहे लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं।
“प्रशासन और एमपीआरडीसी (MPRDC) के बीच हुए लिखित समझौते के बाद अब धरातल पर काम दिखने की उम्मीद है। हमारा उद्देश्य केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को अपनों को न खोना पड़े।”— बंटी डाबी, समाजसेवी
सुरक्षा समिति का गठन अभी बाकी
हालांकि निरीक्षण और प्रारंभिक सहमति की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन सड़क सुरक्षा समिति का विधिवत गठन अभी शेष है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार आवश्यक कागजी औपचारिकताएं पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस पहल से नामली फोरलेन (Four-lane road) के खतरनाक चौराहों पर हादसों का सिलसिला थमेगा और यातायात व्यवस्था पहले से अधिक सुरक्षित होगी।
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