
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। मध्य प्रदेश के रतलाम (Ratlam) जिले के एक ग्राम क्षेत्र में शासकीय भूमि पर कथित अवैध दरगाह निर्माण का मामला सामने आया है। रतलाम (Ratlam) राजस्व विभाग में चरनोई भूमि दर्ज है, जबकि जमीनी स्तर पर कुछ लोगों द्वारा धार्मिक स्थल का निर्माण कर शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे की कोशिश की जा रही है। उक्त भूमि पर प्रस्तावित उर्स पर सवाल खड़े होने के साथ ही मामले में सोमवार को रतलाम कलेक्टर मिशा सिंह और रतलाम (Ratlam) एसपी अमित कुमार को लिखित शिकायत हुई है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ता नरेंद्र शर्मा निवासी धामनोद ने बताया कि उपलब्ध अभिलेखों और सूचना के अधिकार अधिनियम के अनुसार संबंधित भूमि खसरा क्रमांक 44 (लगभग 0.2000 हेक्टेयर) शासकीय दर्ज है, जिस पर बिना वैधानिक अनुमति धार्मिक संरचना निर्मित कर सप्ताह में टोने टोटके जैसे अवैधानिक कार्य किए जाते हैं। दस्तावेजों के मुताबिक वर्ष 1956-57 से लेकर वर्तमान तक भूमि का रिकॉर्ड शासकीय ही बना हुआ है और इसके संबंध में किसी प्रकार का वैध पट्टा या अनुमति उपलब्ध नहीं बताई गई है। ऐसे में इस भूमि पर दरगाह निर्माण को नियमों के विरुद्ध बताया है।

अनुमति बगैर आयोजन पर अहम सवाल
मामले को लेकर एक नया मोड़ तब आया जब इसी स्थल पर उर्स (धार्मिक आयोजन) की तैयारियों की जानकारी सामने आई। आरोप है कि इस आयोजन के लिए भी किसी सक्षम प्रशासनिक प्राधिकारी से अनुमति नहीं ली गई है। इससे स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
इस पूरे मामले में अब रतलाम (Ratlam) जिला और पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग उठी हैं। इनमें अवैध निर्माण की जांच कर उसे हटाने की कार्रवाई के अलावा संबंधित दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही बिना अनुमति प्रस्तावित उर्स आयोजन पर रोक लगाने की मांग प्रमुखता से शामिल है। साथ ही भविष्य में इस प्रकार के अतिक्रमण को रोकने के लिए स्थायी उपाय करने की भी अपील की गई है। शिकायतकर्ता ने रतलाम जिले के स्थानीय प्रशासन से अपेक्षा की है कि वह मामले की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेगा, ताकि शांति व्यवस्था कायम रहे।
Website Design By
KAMAKSHI WEB
CONTACT : +91-9753910111


