
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है, जिसका उद्देश्य युवाओं और महिलाओं को आसान ऋण उपलब्ध कराकर स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है। रतलाम (Ratlam) में एक ऐसा प्रकरण सामने आया है, जिसमें सालाखेड़ी स्थित सेंट्रल बैंक की शाखा में जिम्मेदारों की मनमानी नजर आई है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भी ऋण वितरण में देरी योजना के क्रियान्वयन और बैंकिंग प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रही है।

मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना अंतर्गत स्वरोजगार की आस में ऋण प्राप्त करने के लिए हितग्राही तरन्नुम खान पिछले कुछ माह से काफी परेशान है। 13 माह पूर्व ऋण के लिए नियमानुसार जमा करवाई गई स्टाम्प ड्यूटी सहित अन्य दस्तावेजों की पूर्ति के बावजूद सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मनमानी के चलते हितग्राही महिला को अभी तक लोन प्राप्त नहीं हुआ है। लोन वितरण में हो रही देरी को लेकर महिला ने संबंधित अधिकारियों एवं बैंक प्रबंधन के खिलाफ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप को शिकायत दर्ज कराते हुए शीघ्र और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ता ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप के अलावा रतलाम (Ratlam) कलेक्टर मिशा सिंह तथा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (शाखा सालाखेड़ी) के शाखा प्रबंधक को आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत स्वरोजगार के लिए आवेदन 21 दिसंबर 2024 को जमा किया था। शिकायत में उल्लेख किया गया है कि बैंक द्वारा मांगी गई सभी आवश्यक औपचारिकताएं नियमानुसार पूरी कर दी गई थी। यहां तक कि ऋण प्रक्रिया की अंतिम अवस्था मानी जाने वाली स्टाम्प ड्यूटी भी जमा करवाई जा चुकी है। आवेदन के 16 माह बीतने के बाद भी अब तक लोन राशि का वितरण नहीं किया गया है। परेशान शिकायतकर्ता तरन्नुम खान का आरोप है कि प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित रखा गया है, जिससे उन्हें आर्थिक एवं व्यावसायिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनकी शिकायत है कि बैंक अधिकारियों की यह मनमानी युवाओं एवं महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने की शासन की महत्वपूर्ण योजना के विपरीत है। मुद्दे पर लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर आ मोहनलाल मीणा ने बताया कि शिकायत मेरे पास पहुंच चुकी है। मामले में वस्तुस्थिति जांचने के लिए कल बैंक जाकर मैनेजर से चर्चा करने के साथ दस्तावेजों का विशलेषण भी करूंगा, इसके बाद ही आपकों प्रकरण में जवाब दे सकूंगा। मुद्दे पर कार्यप्रणाली से कटघरे में खड़े सेंट्रल बैंक की सालाखेड़ी शाखा के मैनेजर प्रसाद राव सिंधे सवालों से बचने के लिए मोबाइल रिसीव नहीं कर रहे हैं।
बैंक से मांगा विलंब का लिखित कारण
हितग्राही शिकायतकर्ता तरन्नुम खान ने कैबिनेट मंत्री से लेकर रतलाम (Ratlam) कलेक्टर को सौंपी लिखित शिकायत में बैंक प्रबंधन से मांग की है कि लोन वितरण में हो रही देरी के कारणों को लिखित रूप में बताया जाए। साथ ही यदि कोई औपचारिकता शेष हो तो उसकी स्पष्ट जानकारी दी जाए। क्योंकि वह जब-जब बैंक जाती हैं उन्हें वहां पर संतोषप्रद जवाब नहीं दिया जाता और जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा घंटों बैठाकर रखने के बाद कहा जाता है कि आप कल आना या परसो आना। उन्होंने यह भी मांग की है कि यदि सभी प्रक्रियाएँ पूर्ण हो चुकी हैं, तो तत्काल ऋण राशि का वितरण सुनिश्चित किया जाए ताकि वे अपना स्वरोजगार कार्य प्रारंभ कर सकें। शिकायतकर्ता तरन्नुम खान ने स्पष्ट किया है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे उच्च अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराने के साथ-साथ विधिक कार्रवाई करने के लिए बाध्य होंगी। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित बैंक शाखा की होगी।
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