


रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। वर्ष 2014 में कांग्रेस नेत्री और रतलाम (Ratlam) नगर निगम की तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष यास्मीन शेरानी (yasmin sherani) पर हुए जानलेवा हमले के मामले में दोषी ठहराया गया वैभव बैरागी सजा सुनाए जाने के बाद से फरार है। 31 जुलाई 2026 को सप्तम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव की अदालत ने वैभव बैरागी और चंदन शर्मा को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। वहीं, तरुण सांखला को आर्म्स एक्ट के तहत तीन वर्ष के कारावास से दंडित किया था।

Ratlam अदालत में फैसला सुनाए जाने के समय वैभव बैरागी मौजूद नहीं था। उसकी गैरहाजिरी और फरारी के बाद कोर्ट ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। पुलिस अब उसे गिरफ्तार करने के लिए तलाश और कानूनी कार्रवाई कर रही है।
2014 में नगर निगम परिसर के बाहर चली थी गोली
अपर लोक अभियोजक सौरभ सक्सेना के अनुसार, 27 सितंबर 2014 को दोपहर करीब 12.30 से 1 बजे के बीच यास्मीन शेरानी (Ratlam) नगर निगम परिसर से निकलकर अपनी कार में बैठ रही थीं। इसी दौरान चेहरे पर कपड़ा बांधे एक युवक वहां पहुंचा और उन पर गोली चला दी। गोली उनकी गर्दन में लगी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर गई थीं। हमले के बाद आरोपी वहां से भाग निकला। पुलिस जांच में सामने आया कि गोली चलाने वाला आरोपी कुछ दूरी पर हेलमेट लगाए बाइक के साथ खड़े अपने साथी के पास पहुंचा और दोनों फरार हो गए।
हेलमेट में मिले बालों के डीएनए ने जोड़ा आरोपी से कनेक्शन
पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी द्वारा रास्ते में फेंका गया हेलमेट बाईजी का वास क्षेत्र से बरामद किया था। हेलमेट में मिले बालों को जांच के लिए डीएनए परीक्षण के लिए भेजा गया। जांच रिपोर्ट में डीएनए चंदन शर्मा से मेल खाया। यह साक्ष्य अभियोजन के मामले में महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुआ।
पांच आरोपी बनाए गए थे, तीन को हुई सजा
इस चर्चित मामले में पुलिस ने कुल पांच लोगों को आरोपी बनाया था। जांच के दौरान वैभव बैरागी की पहचान गोली चलाने वाले हमलावर के रूप में हुई। अदालत ने वैभव बैरागी निवासी श्रीमालीवास और चंदन शर्मा निवासी कस्तूरबा नगर (Ratlam) को हत्या के प्रयास के मामले में 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। वहीं, तरुण सांखला को आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा दी गई। मामले में हरिओम मारू और अनुराग लोखंडे को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया।
सजा के बाद जिला जेल नहीं पहुंचा वैभव बैरागी
रतलाम (Ratlam) सर्किल जेल के जेलर ब्रजेश मकवाना ने बताया कि जानलेवा हमले के मामले में सजा पाए अभियुक्तों में वैभव बैरागी जिला जेल में मौजूद नहीं है। उसकी फरारी की जानकारी सामने आई है और कोर्ट की ओर से उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया गया है।
पुलिस बोली- गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी
स्टेशन रोड थाना प्रभारी मुनेंद्र गौतम के अनुसार, यास्मीन शेरानी पर जानलेवा हमले के मामले में सजायाफ्ता वैभव बैरागी फरार है। उसकी फरारी के आधार पर कोर्ट ने स्थायी वारंट जारी किया है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
कुछ घंटे बाद हुई थी कपिल राठौड़ की हत्या
यास्मीन शेरानी को गोली लगने के बाद रतलाम में प्राथमिक उपचार दिया गया और उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल रेफर किया गया था। इसी दिन दोपहर करीब 2.20 बजे रतलाम (Ratlam) रोडवेज बस स्टैंड स्थित होटल संचालक कपिल राठौड़ की हत्या कर दी गई थी। लगातार हुई इन दोनों वारदातों से शहर में तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। हालात बिगड़ने पर Ratlam प्रशासन को शहर में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू करना पड़ा था। इसी वजह से यास्मीन शेरानी पर हुआ हमला और उसके बाद हुई घटनाएं रतलाम के चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल रही हैं।
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