


रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। मध्य प्रदेश के रतलाम (Ratlam) नगर निगम के महापौर के पिछले चार साल के दावों पर कुछ ऐसा पानी फिरा कि एक सड़क बनाने वाले ठेकेदार व्यंकटेश तिमन्ना के आगे सब बेबस और लाचार हैं। निगम का निकम्मा सिस्टम का उदाहरण कुछ ऐसा सामने आया कि सालभर से अधूरा पड़ा व्यस्तम लक्कड़पीठा फोरलेन इसका जीता-जागता सबूत है। डिजाइन फाइनल होने के बाद भी न डिवाइडर का काम शुरू किया, न फुटपाथ का। उस पर बिजली पोल शिफ्टिंग की फाइल तीन माह से अटका रखी थी।
यह पोल तब खुली जब धूल-मिट्टी और खुदाई से परेशान रहवासियों का आक्रोश फूट पड़ा। सभी एकजुट होकर दुकानें बंद कर सड़क पर उतर आए और पुलिया पर चक्काजाम लगाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। जानकारी लगने पर पहले कमिश्नर अनिल भाना इंजीनियरों के साथ और फिर महापौर प्रहलाद पटेल भी पहुंचे। बात हुई तो रहवासियों ने साफ कह दिया कि ठेकेदार काम नहीं कर रहा तो ब्लैक लिस्टेड करके दूसरे से करवाओ। महापौर पटेल ने कमिश्नर को खूब खरी-खोटी सुनाते हुए कहा नगर निगम का सिस्टम लाचार है, नपुंसक हो गए सभी। मैं निर्माण कार्य की चिंता न करूं तो निगम लाशों का ढेर है। न आपको चिंता है न इंजीनियरों को… जनता का प्रतिनिधि हूं इसलिए जनता के सामने बोल रहा हूं। लंबी चर्चा के बाद आखिरकार कमिश्नर बोले 8 दिन दीपावली के और 50 दिन काम के। 58 दिन में काम पूरा नहीं हुआ तो नौकरी छोड़ दूंगा।
नकारा इंजीनियर की ऐसी हालत
रहवासियों ने मंगलवार रात ही आक्रोश के चलते प्रदर्शन की रणनीति तैयार कर ली थी। सुबह सभी ने कारोबार बंद रखा और 11 बजे नई बनी लक्कड़पीठा पुलिया पर चक्काजाम करके विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। महापौर और कमिश्नर पहुंचे तो रहवासियों ने उन्हें घेर लिया। इंजीनियर यह भी नहीं बता पाए कि डिवाइडर कितना ऊंचा व चौड़ा बनेगा।रहवासियों ने लिखकर देने को कहा तो सहायक यंत्री नीलेश पंचौली ने एक कागज पर लिखकर साइन करके दिया। इसके बाद अफसरों की निगम में मीटिंग हुई। डिवाइडर, फुटपाथ आदि का नाप-जोख निकाला। शाम लगभग 5 बजे 19 दिसंबर तक काम पूरा होने का दावा करते हुए बोर्ड लगा दिया। तब जाकर रहवासियों का गुस्सा शांत हुआ, वरना उन्होंने तंबू तानकर जनआंदोलन की तैयारी कर ली थी। प्रदर्शन करने वालों में क्षेत्र के रहवासी बड़ी संख्या में शामिल रहे।
अफसरों से बहुत बार बात कर चुका हूं
फोरलेन को लेकर अफसरों से बहुत बार बात कर चुका हूं। चार साल में पहला ऐसा ठेकेदार मिला, जिसने परेशान किया। बाकी काम हुए ही हैं। पानी की लाइन, डिवाइडर, फुटपाथ बनाने की चाल है लेकिन नहीं कर रहा। – प्रहलाद पटेल, महापौर (रतलाम)
कारोबार भी प्रभावित हो रहा
सालभर से परेशान हैं। कोई प्लानिंग नहीं है। डिवाइडर के लिए खोद दिया लेकिन नहीं बनाया। उस पर पाइपलाइन की खुदाई शुरू कर दी। अधूरे काम से कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। – गोपाल राठी, रहवासी
समय- सीमा का बोर्ड लगा दिया
58 दिन का समय निर्धारित किया है। रहवासी बोले नहीं बना तो लिखकर दे दो। इसलिए लक्कड़पीठा रोड पर बोर्ड भी लगा दिया है। अनेक समस्याएं हैं, डामर के रेट बढ़ गए हैं। ठेकेदार काम नहीं कर रहा। – अनिल भाना, कमिश्नर – नगर निगम रतलाम
Website Design By
KAMAKSHI WEB
CONTACT : +91-9753910111


