


रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। रतलाम (Ratlam) सिटी के वार्ड क्रमांक 34 में टीआईटी रोड और गीता मंदिर रोड के कॉर्नर पर स्थित नगर निगम की खुली भूमि इन दिनों क्षेत्रवासियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। रहवासियों के अनुसार, पेट्रोल पंप के समीप स्थित हजारों वर्गफीट की यह जमीन कचरे, गंदगी, दुर्गंध, अवैध वाहनों की पार्किंग और नशा करने वालों की गतिविधियों का अड्डा बनती जा रही है। क्षेत्र के नागरिकों ने इस भूमि पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने के बजाय सुंदर, हरा-भरा बगीचा विकसित करने की मांग की है।
बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं के लिए हो बगीचे की व्यवस्था
क्षेत्रवासियों का कहना है कि शहर के इस हिस्से में सार्वजनिक बगीचों की कमी है। यदि नगर निगम इस खाली भूमि पर व्यवस्थित उद्यान विकसित करता है, तो आसपास के नागरिकों को सुबह-शाम टहलने, व्यायाम करने और सुकून के कुछ पल बिताने के लिए बेहतर स्थान मिल सकता है। इससे बच्चों को खेलने और बुजुर्गों को समय बिताने के लिए सुरक्षित वातावरण भी उपलब्ध होगा।नागरिकों का मानना है कि शहर में हरियाली बढ़ाने और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस भूमि का उपयोग जनहित में किया जाना चाहिए। बगीचा विकसित होने से क्षेत्र की सुंदरता बढ़ने के साथ ही लंबे समय से बनी गंदगी और दुर्गंध की समस्या का समाधान करने में भी मदद मिल सकती है।
जर्जर क्वार्टर हटने के बाद खाली पड़ी है जमीन
बताया जाता है कि इस स्थान पर पहले नगर निगम के कर्मचारियों के लिए क्वार्टर बने हुए थे। समय के साथ ये भवन जर्जर हो गए, जिसके बाद उन्हें हटा दिया गया। इसके बाद से भूमि खाली पड़ी है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि लंबे समय से उचित उपयोग नहीं होने के कारण यहां गंदगी और अव्यवस्था बढ़ती गई है। नागरिकों का कहना है कि नगर निगम को इस भूमि के भविष्य को लेकर स्पष्ट योजना बनानी चाहिए। यदि इसका उपयोग व्यावसायिक उद्देश्य से करने की योजना है, तो उससे पहले क्षेत्र की जरूरतों, नागरिक सुविधाओं और पर्यावरणीय लाभों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की योजना पर उठ रहे सवाल
क्षेत्र में चर्चा है कि इस भूमि पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में नगर निगम की आधिकारिक योजना और निर्णय की पुष्टि होना बाकी है। नागरिकों का सवाल है कि जब शहर में पहले से बने कई व्यावसायिक परिसरों में दुकानें खाली पड़ी होने की बात सामने आती रही है, तो एक और कॉम्प्लेक्स बनाने के बजाय उपलब्ध जमीन को जनसुविधा के लिए क्यों नहीं इस्तेमाल किया जाता? कुछ स्थानीय नागरिकों ने भूमि के उपयोग को लेकर पारदर्शिता बरतने और किसी भी निर्णय से पहले जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी जमीन का उपयोग ऐसी योजना के लिए होना चाहिए, जिसका लाभ अधिक से अधिक नागरिकों को मिल सके।
शहर के कई मार्केट में कारोबार की स्थिति पर भी सवाल
रतलाम नगर निगम द्वारा विकसित विभिन्न बाजारों और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में दुकानों के उपयोग और व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। स्थानीय स्तर पर जिन परिसरों में दुकानें खाली रहने या अपेक्षित कारोबार नहीं होने की बात कही जाती है, उनमें प्रमुख रूप से ये नाम शामिल हैं—
– शहर सराय स्थित फायर ब्रिगेड वाला मार्केट
– नित्यानंद मार्केट
– पोस्ट ऑफिस के सामने स्थित मार्केट
– ज्योति लॉज के अंदर वाला स्टेडियम कोठारी मार्केट
– बस स्टैंड स्थित सुभाष मार्केट
– सिविक सेंटर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स
– देवरा देवनारायण नगर स्थित मार्केट
– नवनिर्मित एमपी-43 फूड मार्केट
क्षेत्रवासियों का तर्क है कि वार्ड 34 की भूमि पर नई व्यावसायिक योजना बनाने से पहले नगर निगम को अपने मौजूदा बाजारों की वास्तविक स्थिति का आकलन करना चाहिए। खाली दुकानों, किराये, आवंटन और व्यावसायिक उपयोग से संबंधित आंकड़ों की समीक्षा के बाद ही नई योजना पर निर्णय लेना उचित होगा।
‘ग्रीन रतलाम, क्लीन रतलाम’ को जमीन पर उतारने का अवसर
शहर में स्वच्छता और हरियाली बढ़ाने के संकल्प के बीच वार्ड 34 की यह खुली भूमि नगर निगम के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बन सकती है। यदि यहां उद्यान विकसित किया जाता है, तो इससे न केवल क्षेत्रवासियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि खाली पड़ी जमीन का सकारात्मक उपयोग भी सुनिश्चित होगा। क्षेत्र के नागरिकों ने नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि भूमि का निरीक्षण कराकर यहां फैली गंदगी और अव्यवस्था को तत्काल दूर किया जाए तथा बगीचा विकसित करने की संभावना पर गंभीरता से विचार किया जाए।
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