Ratlam : निगम की अजब-गजब कहानी, पीएम आवास के बाद दो बत्ती चौपाटी पर कहर 

- मानसून में लोगों से छत छीनने के बाद अब 48 परिवारों की रोजी छीनने की कोशिश

Advertisements
Advertisements

रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। रतलाम (Ratlam) निगम की अजब-गजब कहानी एक बार फिर बवाल मचा रही है। पीएम आवास के बाद अब निगम ने दो बत्ती चौपाटी पर कहर बरपाया। मानसून में लोगों से छत छीनने के बाद अब 48 परिवारों की रोजी छीनने की कोशिश ने राजनीति गरमा दी। महाराजा सज्जन सिंह चौराहा स्थित दो बत्ती चौपाटी पर मंगलवार को नगर निगम की कार्रवाई को लेकर जमकर हंगामा हुआ। करीब दो दशक से यहां हाथ ठेले लगाकर परिवार पाल रहे 48 दुकानदारों के सामने एक बार फिर रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया। दोपहर करीब 3 बजे लोक निर्माण विभाग का अमला चार जेसीबी और एक ब्रेकर लेकर चौपाटी पहुंचा और सीमेंट-कांक्रीट का निर्माण उखाड़ना शुरू कर दिया। थाने के सामने वाले हिस्से का सीसी रोड तोड़ने के बाद जब मशीनें स्टैच्यू की ओर बढ़ीं तो दुकानदारों ने महिलाओं और बच्चों के साथ मशीनों के सामने बैठकर विरोध शुरू कर दिया। कुछ लोग सड़क पर लेट गए। विरोध बढ़ता देख मशीनों को रोकना पड़ा।

Advertisements
Advertisements
Advertisements

कांग्रेस ने निगम अमले को घेरा, दरी बिछाकर धरना

कार्रवाई की सूचना मिलते ही कांग्रेस नेता मौके पर पहुंच गए। कांग्रेस नेत्री यास्मीन शेरानी ने कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि गरीब दुकानदारों को सौंदर्यीकरण के नाम पर हटाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जेसीबी पहले उनकी लाश के ऊपर से गुजरनी होगी। इसके बाद पारस सकलेचा, महेंद्र कटारिया, हितेष पेमाल सहित अन्य कांग्रेस नेता भी मौके पर पहुंचे।

Advertisements
Advertisements
Advertisements

कांग्रेस नेताओं ने राजस्व अधिकारी राजेंद्र सिंह पंवार, इंजीनियर मनीष तिवारी और सहायक राजस्व निरीक्षक ऋषि पंड्या सहित निगम अमले से कार्रवाई को लेकर चर्चा की, लेकिन सहमति नहीं बनी। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने मौके पर ही दरी बिछाकर धरना शुरू कर दिया और महापौर के खिलाफ नारेबाजी की।

कमिश्नर से चर्चा के आश्वासन पर हटाई मशीनें

कांग्रेस नेता निगमायुक्त अनिल भाना से चर्चा करना चाह रहे थे। बताया गया कि निगमायुक्त अस्वस्थ हैं। इसके बाद राजस्व अधिकारी राजेंद्र सिंह पंवार ने कांग्रेस नेताओं से चर्चा की। तय हुआ कि बुधवार दोपहर नगर निगम में निगमायुक्त की मौजूदगी में बैठक कर पूरे मामले पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद निगम अमले ने मशीनें वापस बुला लीं। मशीनें हटने के बाद हाथ ठेला संचालकों ने भी अपने ठेले दोबारा लगा लिए। करीब रात 8.30 बजे तक चले घटनाक्रम के बाद धरना समाप्त हुआ और स्थिति सामान्य हुई।

आज नगर निगम में कांग्रेस का प्रदर्शन

मामले को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को नगर निगम परिसर में धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। सुबह 11 बजे प्रदर्शन प्रस्तावित है। कांग्रेस नेता मयंक जाट ने निगम की भाजपा सरकार, महापौर और निगमायुक्त पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि सौंदर्यीकरण के नाम पर गरीबों के रोजगार पर बुलडोजर चलाया जा रहा है।

फव्वारा चौक पर शिफ्ट करने का सुझाव

चौपाटी को लेकर शहर के कुछ प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि यदि वर्तमान स्थान से दुकानदारों को हटाना जरूरी है तो उन्हें वैकल्पिक स्थान दिया जाना चाहिए। इसके लिए फव्वारा चौक में पेट्रोल पंप के पीछे खाली पड़ी जमीन को उपयुक्त बताया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि नगर निगम इस जमीन को बेचने की योजना बना रहा है, इसलिए यहां चौपाटी विकसित करने में रुचि नहीं दिखाई जा रही। हालांकि नागरिकों का मानना है कि लोगों की पहुंच को देखते हुए यह स्थान चौपाटी के लिए बेहतर हो सकता है।

निगमकर्मी के ठेले लगाने का भी आरोप

चौपाटी पर कुछ ठेलों के संचालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि निगम के विद्युत विभाग में पदस्थ एक कर्मचारी, जिसका नाम गेंदालाल बताया जा रहा है, ने यहां चार-पांच ठेले लगा रखे हैं, जिन्हें किराये पर चलाया जा रहा है। वहीं दुकानदारों का कहना है कि वर्तमान में खाद्य सामग्री बेचने वाले सभी लोगों के पास खुद के ठेले नहीं हैं और कुछ लोग किराये के ठेलों से कारोबार कर रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पुराने निर्माण पर खर्च के बाद अब फिर सौंदर्यीकरण की तैयारी

दुकानदारों का सवाल है कि चौपाटी क्षेत्र में कुछ साल पहले लाखों रुपये खर्च कर सीमेंट-कांक्रीट का निर्माण कराया गया था। अब सौंदर्यीकरण के नाम पर उसी निर्माण को तोड़ा जा रहा है। ऐसे में पुराने काम पर खर्च हुई राशि के उपयोग को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। निगम की ओर से अब दोबारा सौंदर्यीकरण की योजना पर काम किया जा रहा है, जिसमें फिर लाखों रुपये खर्च होने की संभावना है।

दुकानदारों को कोर्ट से स्टे की उम्मीद

हाथ ठेला संचालकों ने कार्रवाई के खिलाफ न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। विक्रेता संदीप सैनी ने बताया कि वकील के माध्यम से प्रकरण प्रस्तुत किया गया है और एक-दो दिन में स्टे मिलने की उम्मीद है। दुकानदार महेंद्र सिंह का कहना है कि निगम को कार्रवाई से पहले वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराना चाहिए था। उनका कहना है कि अधिकांश दुकानदार रोज कमाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और अचानक ठेले हटाए जाने से उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा।

जुलाई में भी हुई थी हटाने की कोशिश

दुकानदारों के अनुसार जुलाई में भी निगम ने उन्हें हटाने की कोशिश की थी। उस समय विक्रेताओं ने लगातार चार दिन धरना देकर कार्रवाई का विरोध किया था। इसके बावजूद मंगलवार को एक बार फिर मशीनों के साथ निगम अमला पहुंच गया। अब बुधवार को निगमायुक्त के साथ होने वाली बैठक और प्रस्तावित कांग्रेस प्रदर्शन के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि चौपाटी के 48 परिवारों को राहत मिलती है या कार्रवाई आगे बढ़ती है।

Advertisements
Advertisements

Website Design By

KAMAKSHI WEB

CONTACT : +91-9753910111


 

Aseem Raj Pandey
Aseem Raj Pandeyhttp://www.vandematramnews.com
वर्ष-2000 से निरतंर पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विगत 22 वर्षों में चौथा संसार, साभार दर्शन, दैनिक भास्कर, नईदुनिया (जागरण) सहित अन्य समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल वंदेमातरम् न्यूज के प्रधान संपादक की भूमिका का निर्वहन। वर्ष-2009 में मध्यप्रदेश सरकार से जिलास्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार के अलावा रतलाम प्रेस क्लब के सक्रिय सदस्य। UID : 8570-8956-6417 Contact : +91-8109473937 E-mail : asim_kimi@yahoo.com

Latest news

Related news

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here
Captcha verification failed!
CAPTCHA user score failed. Please contact us!