


रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। रतलाम (Ratlam) जिले के संवेदनशील जावरा क्षेत्र में पैलेस मैदान को लेकर चल रहे विवाद में शहर छावनी बना रहा। संवेदनशील इलाकों में पुलिस और प्रशासन ने सुबह से ही मोर्चा संभाल लिया था। 55 स्थानों पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही रोकी। तमाम तनाव के बीच पैलेस मैदान के 80 फीसदी हिस्से से ही गणेश विसर्जन का मुख्य चल समारोह निकाला। इधर, सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए एक पक्ष के 29 लोगों को नजरबंद रखते हुए करीब 100 लोगों को बाउंडओवर भी किया।
दरअसल जावरा के पैलेस मैदान से सामूहिक विसर्जन चल समारोह निकालने को लेकर दोनों पक्षों में कई दिनों से विवाद चल रहा था। मुस्लिम समाज ने पैलेस मैदान से जुलूस निकालने पर आपत्ति जताई थी। शुक्रवार को नमाज के दौरान मस्जिदों से भी समाजजनों से शांति बनाए रखने की अपील की। शाम को शहर की सभी झाकियां एक-एक कर पैलेस मैदान पहुंचीं। आरती के बाद यहीं से चल समारोह शुरू हुआ और प्रमुख मार्गों से होकर पिपलीबाजार पहुंचा। इस बीच रात 9.30 बजे सोशल मीडिया पर एक रील में कथित टिप्पणी को लेकर फिर तनाव की स्थिति बन गई। मुस्लिम समाज के युवक थाने पहुंचे और आपत्ति दर्ज कराई। मामले में पुलिस ने तुरंत केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि ताल नाके की ओर जुटी भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस को सख्ती दिखानी पड़ी और जमीन पर लाठियां पटककर भीड़ को पीछे धकेला। एसपी अमित कुमार और एएसपी विवेक कुमार ने बल के साथ मोर्चा संभाला। कई पुलिसकर्मियों को दोपहिया वाहनों से गलियों में भेजकर निगरानी कराई। मुस्लिम समाज के प्रमुख लोगों को भी भीड़ हटाने और स्थिति नियंत्रित करने में लगाया गया। ड्रोन से भी क्षेत्र की निगरानी की गई। डीआईजी निमिष अग्रवाल महकमे के साथ अलर्ट मोड पर दिखे।
शाम तक था सत्राटा था फिर नहीं मिली जगह
पुलिस सायरन की आवाज और तनाव के बीच चल समारोह में भक्तों का उत्साह भारी पड़ा। शाम तक जहां बाजार में सत्राटा था, वहीं जुलूस शुरू होते ही पैर रखने तक की जगह नहीं मिली। शंकर मंदिर से जैसे ही रपट रोड के राजा की झांकी में सवार शहनाज अख्तर ने ‘मुझे चढ़ गया भगवा रंग’ गीत सुनाया तो भक्त झूम उठे। 100 से ज्यादा स्थानों पर समाज व संस्थानों ने स्वागत किया और प्रसादी बांटी। इधर, जुलूस का हिस्सा बनने के बाद चौपाटी के राजा गणेश की मूर्ति स्टेशन रोड चौराहे पर पहुंची, जहां रात 12 बजे डिजिटल आतिशबाजी भी की।
दुकानें बंद रहीं, गलियों से निकले लोग
इधर, तनाव का सीधा असर शहर के जनजीवन पर भी दिखा। दोनों पक्षों की अधिकांश दुकानें बंद रहीं। जगह-जगह बैरिकेडिंग के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई और दूसरे रास्तों से घूमकर जाना पड़ा। कलेक्टर अजय कटेसरिया और एसपी समेत जिले का अधिकांश पुलिस बल जावरा में ही तैनात रहा।
कर्बला सुरक्षित, पैलेस मैदान में ही आरती
पूरे विवाद की जड़ पैलेस मैदान का उपयोग था। प्रशासन ने बीच का रास्ता निकालते हुए मैदान के पूर्वी हिस्से (लगभग 12-13 हजार वर्गफीट) को जो नपा रिकॉर्ड में ‘कर्बला मैदान कमेटी’ के नाम दर्ज है, वहां बैरिकेडिंग और कनात लगाकर पूरी तरह अलग कर दिया। इसके बाद निजी संपत्ति वाले पैलेस मैदान के बाकी 80 फीसदी हिस्से में गणेश मूर्तियां रखकर महाआरती की और वहीं से पहली बार विसर्जन चल समारोह निकाला।
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