


रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। पश्चिम रेलवे के महत्वपूर्ण जंक्शन और दिल्ली-मुंबई 8-लेन एक्सप्रेसवे के निकट स्थित रतलाम (Ratlam) के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। रतलाम में एयरपोर्ट शुरू करने की दिशा में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री (एमएसएमई) चेतन्य काश्यप की पहल के बाद हवाई कनेक्टिविटी की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। एयरपोर्ट बनने पर रतलाम को रेल, सड़क और हवाई नेटवर्क से जोड़कर मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने का रास्ता खुल सकता है। इससे उद्योग, व्यापार, कृषि उत्पादों और निर्यात गतिविधियों को भी नई गति मिलने की संभावना है।
शिकारवाड़ी में 304 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध
रतलाम के समीप सैलाना क्षेत्र का शिकारवाड़ी एयरपोर्ट के लिए संभावित स्थल के रूप में सामने आया है। मध्य प्रदेश राजपत्र के अनुसार, शिकारवाड़ी स्थित खरमोर अभ्यारण्य की कुल 354.57 हेक्टेयर भूमि में से 304.35 हेक्टेयर भूमि को अभ्यारण्य से मुक्त किया गया है। यह क्षेत्र रतलाम शहर से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर है। साथ ही यह प्रस्तावित MPIDC मेगा पार्क और दिल्ली-मुंबई 8-लेन एक्सप्रेसवे के नजदीक स्थित है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एयरपोर्ट के लिए लगभग 250 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता बताई जा रही है, जबकि शिकारवाड़ी में इससे अधिक भूमि उपलब्ध है।
सरकारी जमीन होने से राह काफी आसान
शिकारवाड़ी क्षेत्र की भूमि को एयरपोर्ट परियोजना के लिए अनुकूल माना जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार क्षेत्र काफी हद तक समतल है और लंबे समय से यहां खेती अथवा बड़े निर्माण नहीं हुए हैं। क्षेत्र में सरकारी भूमि की पर्याप्त उपलब्धता होने तथा निजी भूमि की गाइडलाइन दर अपेक्षाकृत कम होने से भूमि अधिग्रहण की लागत को नियंत्रित रखने की संभावना जताई जा रही है। भविष्य में एयरपोर्ट के विस्तार के साथ कार्गो टर्मिनल, वेयरहाउसिंग, कोल्ड स्टोरेज और अन्य लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के विकास के लिए भी अतिरिक्त संभावनाएं बन सकती हैं।
यात्री उड़ानों के साथ एयर कार्गो पर फोकस
रतलाम और आसपास का क्षेत्र नमकीन, फूड प्रोसेसिंग, फार्मा, हर्बल, टेक्सटाइल और कृषि उत्पादों के कारोबार के लिए जाना जाता है। इनमें कई उत्पाद ऐसे हैं, जिनके लिए तेज परिवहन महत्वपूर्ण है। एयरपोर्ट के साथ शेयर्ड एयर कार्गो और एयर फ्रेट कंसोलिडेशन जैसी सुविधाएं विकसित की जाती हैं तो छोटे और मध्यम उद्योग अपने उत्पादों को सामूहिक रूप से देश के विभिन्न हिस्सों तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचा सकेंगे। इससे पैकेजिंग, वेयरहाउसिंग, कोल्ड चेन और लॉजिस्टिक्स से जुड़े नए व्यवसायों के विस्तार की संभावना भी बनेगी।
महानगरों से होगी तेज कनेक्टिविटी
रतलाम में नियमित हवाई सेवा शुरू होने से स्थानीय व्यापारियों, उद्यमियों और औद्योगिक इकाइयों को प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों तक पहुंचने में सुविधा हो सकती है। फिलहाल हवाई यात्रा के लिए आसपास के दूसरे शहरों के एयरपोर्ट तक सड़क मार्ग से जाना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर एयर कनेक्टिविटी उपलब्ध होने से निवेशकों, खरीदारों और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही आसान होने की उम्मीद है। इसका लाभ रतलाम के साथ मंदसौर, नीमच, झाबुआ, दाहोद और उज्जैन जैसे आसपास के क्षेत्रों को भी मिल सकता है।
मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब की पूरी संभावना
रतलाम की सबसे बड़ी ताकत उसका मौजूदा परिवहन नेटवर्क है। पश्चिम रेलवे का महत्वपूर्ण जंक्शन होने के साथ शहर 8-लेन एक्सप्रेसवे के माध्यम से सड़क परिवहन से भी जुड़ा है। ऐसे में यदि एयरपोर्ट की सुविधा भी उपलब्ध होती है तो रेल-रोड-एयर कनेक्टिविटी को एक साथ विकसित करने की संभावना बनेगी। इससे रतलाम केवल यात्री हवाई सेवा का केंद्र नहीं, बल्कि माल परिवहन, वेयरहाउसिंग, वितरण और निर्यात गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।
मंत्री काश्यप का उद्योग जगत ने माना आभार
नमकीन एवं अलाइड फूड क्लस्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष वैभव कुमार जैन ने रतलाम की हवाई कनेक्टिविटी को लेकर मंत्री चेतन्य काश्यप की पहल का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यात्री विमान सेवा के साथ एयर कार्गो और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स को जोड़ा जाता है तो इसका लाभ रतलाम सहित पूरे पश्चिमी मध्य प्रदेश के व्यापार और कृषि क्षेत्र को मिल सकता है।
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