


रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। नवरात्रि के पावन पर्व पर रतलाम (Ratlam) जिले के ग्राम नांदलेटा में भक्ति, शौर्य और शक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। मां दुर्गा की आराधना के बीच हाथों में तलवारें थामे गरबा करती बालिकाओं ने अपने आत्मविश्वास, अनुशासन और कला का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। गरबा की लय पर तलवारों के संतुलित संचालन ने आयोजन को विशेष आकर्षण प्रदान किया। परम पूज्य महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 स्वामी आनंद गिरि महाराज के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में दुर्गा पूजन, महाआरती, शास्त्र-शस्त्र पूजन और शस्त्र वितरण सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियां संपन्न हुईं।
तलवारों के साथ दिखा आकर्षण का केंद्र

नांदलेटा में आयोजित गरबा उत्सव में बालिकाओं ने पारंपरिक गरबा को शौर्यपूर्ण स्वरूप देते हुए तलवारों के साथ अपनी प्रस्तुति दी। उनकी एकाग्रता, आत्मविश्वास और अनुशासित कदमताल ने उपस्थित श्रद्धालुओं और ग्रामवासियों का ध्यान आकर्षित किया। इस प्रस्तुति के माध्यम से भारतीय संस्कृति, नारी शक्ति, आत्मविश्वास और आत्मरक्षा के महत्व का संदेश दिया गया। आयोजन के दौरान विभिन्न गरबा पंडालों में कुल 500 तलवारों के वितरण का संकल्प भी लिया गया। आयोजकों ने धार्मिक परंपराओं के साथ शौर्य, संस्कार और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध की भावना को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया।
बालिकाएं शिक्षा में आगे बढ़ें और आचरण में दुर्गा-लक्ष्मीबाई को उतारें : स्वामी आनंद गिरि
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर स्वामी आनंद गिरि महाराज ने बालिकाओं को शिक्षा, संस्कार और आत्मसंयम का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि कन्याएं अध्ययन के क्षेत्र में पीछे न रहें, उच्च शिक्षा प्राप्त करें और जीवन में बड़े पदों पर पहुंचकर अपनी प्रतिभा का परिचय दें। इसके साथ ही उन्हें अपने आचरण में मां दुर्गा की शक्ति और वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के साहस को भी आत्मसात करना चाहिए, ताकि राष्ट्र और धर्म की रक्षा का भाव सदैव बना रहे।स्वामीजी ने शास्त्र और शस्त्र के महत्व को स्पष्ट करते हुए कहा कि शास्त्र मनुष्य को सदाचार, विवेक और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं, जबकि शस्त्र का उपयोग आत्मरक्षा और समाज की सुरक्षा के लिए निर्धारित मर्यादाओं के अंतर्गत ही किया जाना चाहिए। उन्होंने शक्ति की आराधना के साथ ज्ञान, संस्कार, अनुशासन और जिम्मेदारी को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
आजाद चौक और देवनारायण मंदिर में महाआरती, कन्या भोज का आयोजन
नवरात्रि के अवसर पर आजाद चौक और देवनारायण मंदिर स्थित गरबा पंडालों में अतिथियों ने मां दुर्गा की महाआरती की। इससे पूर्व आजाद चौक पर कन्या भोज का भव्य आयोजन किया गया। श्रद्धा और उत्साह के वातावरण में श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ शास्त्र एवं शस्त्र पूजन भी किया गया। आयोजन ने नवरात्रि की परंपराओं को सामाजिक जागरूकता, नारी सशक्तीकरण और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का संदेश दिया।
महापुरुषों और शहीदों के चित्रों से सजा गरबा पंडाल
ग्राम नांदलेटा का गरबा पंडाल मां दुर्गा की आराधना के साथ राष्ट्रभक्ति और शौर्य की प्रेरणा का केंद्र भी बना। पंडाल को महापुरुषों और देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के चित्रों से सजाया गया। इस पहल के माध्यम से नई पीढ़ी को देश के महान व्यक्तित्वों के त्याग, साहस और योगदान से परिचित कराने का प्रयास किया गया। धार्मिक आयोजन में महापुरुषों और शहीदों के चित्रों की सजावट ने श्रद्धालुओं को भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय गौरव और देशभक्ति के मूल्यों से जुड़ने का संदेश दिया।
गणमान्य अतिथियों की रही उपस्थिति
आयोजन में जूना अखाड़े के महंत नरेंद्र गिरि महाराज, करणी सेना परिवार के अध्यक्ष ठाकुर जीवन सिंह शेरपुर, दशनामी दत्त सेना के अध्यक्ष संजयपुरी गोस्वामी तथा रतलाम प्रेस क्लब अध्यक्ष मुकेशपुरी गोस्वामी सहित अन्य अतिथि एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बालिकाओं, श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
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