BIG BREAKING: कॉन्वेंट स्कूल की छात्राओं को वन स्टॉप सेंटर में किया शिफ्ट, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के नोटिस के बाद हरकत में आया प्रशासन

BIG BREAKING: कॉन्वेंट स्कूल की छात्राओं को वन स्टॉप सेंटर में किया शिफ्ट, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के नोटिस के बाद हरकत में आया प्रशासन

रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज।
रतलाम के सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल में 17 वर्षीय छात्रा की मौत को लेकर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग नई दिल्ली द्वारा कलेक्टर को नोटिस जारी करने के बाद प्रशासन हरकत में आया गया है। कलेक्टर कुमार पुरूषोत्तम ने जिला बाल कल्याण समिति को विभिन्न बिंदुओं के आधार पर विस्तृत जांच कर रिपोर्ट मांगी है। इधर मृतक छात्रा के साथ रहने वाली तीन छात्राओं को शनिवार शाम को वन स्टॉप सेंटर पर शिफ्ट किया।
कलेक्टर के आदेश मिलते ही बाल कल्याण समिति सदस्य शुक्रवार देर शाम को स्कूल पहुंच कर जांच में जुट गए थे। स्कूल होस्टल में छात्रा के साथ रहने वाली ओडिसा, कर्नाटक व झाबुआ की छात्राओं को भी वन स्टॉप सेंटर में शिफ्ट करने के निर्देश दिए। ताकि उनकी कॉउंसलिंग की जा सके। शनिवार शाम को टीम कॉन्वेंट स्कूल पहुंची। जहां उक्त छात्राओं को शिफ्ट करने की प्रक्रिया के दौरान भी टीम को जद्दोजहद करना पड़ी। शाम करीब 7.30 बजे टीम सदस्य पुलिस की मौजूदगी में वन स्टॉप सेंटर की एम्बुलेंस इन छात्राओं को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल के लिए निकली। मेडिकल के बाद सीधे इन्हें वन स्टॉप सेंटर ले जाया जाएगा।
इन बिंदुओं पर जांच
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग नई दिल्ली के पत्र मिलने के बाद कलेक्टर पुरूषोत्तम ने जिन बिंदुओं के आधार पर जांच प्रतिवेदन चाहा है उसके तहत सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल के जेजे एक्ट 2015 के तहत पंजीकरण की जानकारी, कान्वेंट स्कूल में निवासरत प्रत्येक बच्चे का विस्तृत विवरण जिसमें यह जानकारी समाहित हो कि बच्चों का प्रवेश संस्था में किस प्रकार हुआ है और उसकी पारिवारिक पृष्ठभूमि, इस प्रकार के घटनाक्रम के कारण भयभीत बच्चों के संबंध में स्कूल परिसर का भ्रमण कर बच्चों का कथन लेखबद्ध करने तथा यदि किसी बच्चे को मनोवैज्ञानिक परामर्श की आवश्यकता हो तो वह उपलब्ध कराकर प्रतिवेदन उपरोक्त बिंदुओं के आधार पर देने के निर्देश दिए हैं।

बाल कल्याण समिति के आदेश पर छात्राओं को शिफ्ट किया है। ताकि छात्राओं से विस्तृत जानकारी ली जा सके। किसी प्रकार का भय हो तो वह भी मालूम कर सके। – रजनीश सिन्हा, महिला एवं बाल विकास अधिकारी रतलाम

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