
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। मध्य प्रदेश के रतलाम (Ratlam) जिले में शादी के महज पांच दिन बाद एक नवविवाहिता की दर्दनाक मौत हो गई। 23 वर्षीय महिला ने आधी रात को रस्सी के सहारे मकान की दूसरी मंजिल से उतरकर घर छोड़ने की कोशिश की, लेकिन रस्सी टूटने से वह करीब 25 फीट नीचे गिर गई। गंभीर चोटों के कारण अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार करमदी रोड निवासी 45 वर्षीय मुकेश चौहान ने बिहार के रोहतास जिले की रहने वाली संध्या चौधरी से 26 जुलाई 2026 को विवाह किया था। परिजनों के मुताबिक यह शादी एक दलाल के माध्यम से कराई गई थी, जिसके लिए करीब 2.60 लाख रुपये दिए गए थे। विवाह के बाद संध्या रतलाम आकर पति के साथ रहने लगी थी।
35 फीट ऊंचे मकान से उतरते समय टूटी रस्सी
बताया गया कि 30 जुलाई की रात पति-पत्नी दूसरी मंजिल के कमरे में सो रहे थे। देर रात संध्या ने मकान के शेड से एक पुरानी रस्सी बांधकर नीचे उतरने का प्रयास किया। वह लगभग 10 फीट नीचे पहुंची ही थी कि रस्सी टूट गई। इसके बाद वह करीब 25 फीट नीचे गिरकर रेत के ढेर पर जा गिरी। हादसे में उसे गंभीर चोटें आईं।
पत्नी नहीं दिखी तो पति ने शुरू की तलाश
रात करीब दो बजे मुकेश की नींद खुली तो पत्नी कमरे में नहीं थी। पहले उसने सोचा कि वह बाथरूम गई होगी, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं आने पर उसने पड़ोसियों को बुलाया। तलाश के दौरान घर के पीछे रेत के ढेर पर संध्या घायल अवस्था में मिली। उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस और एफएसएल टीम
सूचना मिलने पर माणकचौक थाना पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को शेड से बंधा लगभग 10 फीट लंबा रस्सी का हिस्सा मिला। शुरुआती जांच में सामने आया कि मकान निर्माण के समय इस्तेमाल की गई करीब दो साल पुरानी रस्सी का उपयोग किया गया था। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
परिजन नहीं पहुंचे, पति ने किया अंतिम संस्कार
मृतका के परिजनों को बिहार में सूचना दी गई, लेकिन कोई रतलाम नहीं पहुंचा। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव पति को सौंप दिया, जिसके बाद उसने अंतिम संस्कार किया।
शादी की प्रक्रिया पर भी उठे सवाल
पति मुकेश का कहना है कि शादी के दौरान उसे युवती की मां और भाई से मिलवाया गया था, लेकिन उनके पूरे नाम और पहचान की जानकारी नहीं दी गई। उसका आरोप है कि शादी की औपचारिकताएं कराने वाले लोगों ने समारोह की तस्वीरें लेने तक से मना कर दिया था। बाद में पुलिस की पूछताछ के बाद ही विवाह की कुछ तस्वीरें भेजी गईं।
दलाल के व्यवहार से बढ़ा संदेह
मुकेश के अनुसार, घटना के बाद जब उसने बिहार में मौजूद कथित दलाल से संपर्क कर परिजनों से बात कराने को कहा तो उसने टालमटोल की। आरोप है कि वीडियो कॉल कराने की मांग पर उसने असहयोग किया और अजीब जवाब दिए। इसके बाद उसका संपर्क भी कम हो गया।
लुटेरी दुल्हन गिरोह के एंगल से भी जांच
पुलिस का कहना है कि परिजनों के सामने नहीं आने और दलाल के संदिग्ध व्यवहार को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। यह भी जांच का विषय है कि क्या मामला किसी संगठित गिरोह से जुड़ा है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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