लापरवाही पर सख़्त तेवर : कलेक्टर ने किया ठेकेदार राहुल पाटीदार को ब्लैकलिस्ट, ठेकेदार चन्दन बसेर पर 1 लाख की पैनल्टी

लापरवाही पर सख़्त तेवर : कलेक्टर ने किया ठेकेदार राहुल पाटीदार को ब्लैकलिस्ट, ठेकेदार चन्दन बसेर पर 1 लाख की पैनल्टी

रतलाम, वन्देमातरम् न्यूज़।

राजनीतिक सांठगांठ की बदौलत रोड निर्माण के टेंडर लेकर लापरवाही बरतने वाले अन्नपूर्णा कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार राहुल पाटीदार को आज कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने ब्लैकलिस्टेड कर दिया। ठेकेदार मात्र नगर निगम ही नहीं बल्कि अन्य विभागों में भी कार्य नहीं कर पाएगा। गौरतलब है की वन्देमातरम् NEWS ने मुखरता से निगम के निर्माण कार्यों में हो रही लापरवाही को उजागर किया था। जिसके बाद ठेकेदार चन्दन बसेर ने नोलाईपुरा से चौड़ावास का कार्य आनन फानन में शुरू कर दिया। वहीं दूसरी ओर ठेकेदार राहुल पाटीदार ने अधिकारियों के निर्देशों को ताक पर रख मार्च में स्वीकृत हुए कार्य को अप्रैल के आखिर तक भी शुरू नहीं किया। ठेकेदार राहुल पाटीदार को सेठ जी का बाजार में 50 लाख की लागत से सीसी रोड व आदि का निर्माण कार्य करना था।
नगर निगम के निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने ठेकेदारो को फटकार लगाई। हद से ज्यादा ढिलाई बरतने पर अन्नपूर्णा कंस्ट्रक्शन ठेकेदार राहुल पाटीदार को 5 वर्षों के लिए ब्लैकलिस्टेड करने के निर्देश के साथ ही कार्तिकेय कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार चंदन बसेर पर एक लाख रुपये की पेनल्टी लगाई। कलेक्टर ने नगर निगम के इंजीनियर्स द्वारा ढ़ीली ढ़ाली मॉनिटरिंग पर भी सख्त नाराजगी व्यक्त की। समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर कुमार निगम अधिकारियों व ठेकेदारों पर जमकर बरसे। कार्यों को लेकर हुई लापरवाही में कलेक्टर ने सख्त लहजे में अधिकारियों को अपने कार्य मे सुधार लाने की बात कही।

फ़ाइल फ़ोटो : मार्च में वर्कऑर्डर मिलने के बाद हुए निरीक्षण के दौरान काम शुरू करने को लेकर गलत जानकारी देने वाला ठेकेदार राहुल पाटीदार (दाएं नीले शर्ट में)

टर्न ओवर 70 लाख का, काम दे दिया 2 करोड़ का!
कलेक्टर ने कार्तिकेय कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार चन्दन बसेर द्वारा भी समय पर कार्य नहीं करने पर 1 लाख रुपये की पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निगमायुक्त सोमनाथ झरिया को स्पष्ट निर्देश दिए कि ठेकेदार की क्षमता के अनुसार कार्य दिया जाए। यदि वह कार्य नहीं कर पाता है तो शहर का नुकसान होता है। बाजार क्षेत्र में कार्यों में देरी से व्यापारी परेशान होते हैं। समीक्षा में सामने आया कि कार्तिकेय कंस्ट्रक्शन का टर्नओवर 70 लाख रुपए का है, मगर उसके पास दो करोड़ रुपए के कार्य है। उसकी क्षमता से ज्यादा कार्य उसको दिए गए। कलेक्टर ने यह भी कहा कि ठेकेदार को टेंडर होते ही कार्य शुरू कर देना चाहिए, अनुबंध के चक्कर में अनावश्यक रूप से देरी नहीं करे।
ठेकेदार चन्दन ने बैठक में बताया कि शहर में सड़क निर्माण के दौरान ट्रैफिक संबंधी समस्या आने से उसके कार्य में देरी हुई है। इस पर कलेक्टर द्वारा कार्यपालन यंत्री सुरेशचन्द्र व्यास के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि उनको नियोजित ढंग से कार्य करना आना चाहिए। यदि ट्रैफिक की समस्या है तो ट्रैफिक डीएसपी के साथ समन्वय रखकर नियोजित ढंग से योजना तैयार की जाना चाहिए व जरूरत पड़ने पर रात्रि में भी कार्य किया जाना चाहिए।

कलेक्टर बोले नहीं कर सकते तो काम लिया क्यों
कलेक्टर ने ठेकेदारों को स्पष्ट कहा कि वे अपनी क्षमता अनुसार ही काम का ठेका लेवे। कार्तिकेय कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार चन्दन बसेर को कलेक्टर ने दो टूक कहा कि जब आपके द्वारा अधिक कार्य कर पाना संभव नहीं है तो ठेका क्यों लिया है। इस दौरान कलेक्टर द्वारा जीतश्री एंड छाजेड़ कंस्ट्रक्शन द्वारा अच्छा कार्य किए जाने पर उसकी सराहना भी की।
कलेक्टर ने सभी इंजीनियर को भी निर्देशित किया कि लापरवाही बंद करें समय सीमा में काम पूर्ण करने का ख्याल रखें इसके साथ ही ठेकेदारों द्वारा कंस्ट्रक्शन सामग्री की बढ़ती कीमतों का ध्यान आकर्षित करने पर कलेक्टर द्वारा निगमायुक्त को एस्टीमेट पुनरीक्षित करने के लिए भी निर्देशित किया।

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