कर्मचारियों से चंदा वसूली में रेल प्रशासन के साथ ट्रेड यूनियनों की मिलीभगत

कर्मचारियों से चंदा वसूली में रेल प्रशासन के साथ ट्रेड यूनियनों की मिलीभगत

रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज।
रतलाम रेल मंडल में दोनों मान्यता प्राप्त ट्रेड यूनियनों की रेल प्रशासन के साथ मिलीभगत से कर्मचारियों से जबरन चंदा वसूली की जा रही है। इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। यह बात पश्चिम रेलवे कर्मचारी परीषद के पदाधिकारियों ने रेलराज्य मंत्री मुख्य दर्शना जरदोश से लिखित में मांग करते हुए कही।
परिषद के महामंत्री शिवलहरी शर्मा पदाधिकारी के साथ दिल्ली में रेल राज्यमंत्री को बड़ौदा में 26 सितंबर को होने वाले द्विवार्षिक अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करते समय कहीं। उन्हें अन्य समस्या भी बताई गई।
महामंत्री शर्मा के साथ मंडल अध्यक्ष सुरेश कुमार मीना, मीडिया प्रभारी सुजीत कुमार शर्मा भी मौजूद रहे। मंत्री ने कार्यक्रम की मुख्य अतिथि बनने पर सहमति दी।

रतलाम मंडल की यह समस्या बताई
सरक्षां कैटेगरी में भर्ती कर्मचारी लोकों पायलेट, सहायक लोको पायलेट व गार्डो से निमय विरुद्ध नॉन सेफ्टी केटेगरी (कार्यालय) में कार्य करवाया जा रहा है।

  • पॉइंट्समैन के लिए 12 घंटे के रोस्टर को खत्म कर 8 घंटे का रोस्टर लागू करवाया जाए।
  • ट्रैकमैन के लिए विभागीय परीक्षा में एलडीसीई ओपन टू ऑल नियम लागू किया जाए।
  • इंजीनियरिंग एवं टीएमसी विभाग में सुपरवाइजर का लंबे समय तक एक ही स्थान पर नियुक्तियां एवं पदस्थ रहना गलत है।
  • 130 किलोमीटर प्रति घंटा की ट्रेनों में नियम विरुद्ध अलग-अगल शेड्यूल बनाया गया है।
  • रेलवे में दोनों मान्यता प्राप्त संगठनों वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ (एनएफआईआर) व वेस्टर्न रेलवे एम्प्लॉइज यूनियन (एआईआरएफ) द्वारा प्रशासन की मिलीभगत से अवैध चन्दा वसूली की जाना गलत है।
  • वर्ष 2004 बाद भर्ती हुए कर्मचारियों की नई पेंशन योजना को खत्म करके पुरानी पेंशन योजना को पुनः लागू किया जाए।

Admin

Related post

Leave a Reply

Your email address will not be published.