रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। पंजाब में धर्मांतरण की घटनाएं तेजी से बढ़ रही है। युवा नशे में लिप्त होते जा रहे हैं। बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। यह सभी के लिए चिंताजनक है। यह कहना है डोनरसिंह, एंबुलेंस मैन के नाम से प्रसिद्ध पद्मश्री जितेंद्र सिंह शंटी (नई दिल्ली) का। रतलाम में श्री गुुरु तेग बहादुर शैक्षणिक विकास समिति के कार्यक्रम में शामिल होने आए जितेंद्र सिंह ने मीडिया से चर्चा में कहा कि 18 वर्ष की आयु में उन्होंने पहली बार रक्तदान किया था।
श्री गुुरु तेग बहादुर शैक्षणिक विकास समिति के कार्यक्रम में पद्मश्री जितेंद्र सिंह शंटी का सम्मान भी किया गया। उन्होंने मीडिया के सवाल पर जवाब दिया कि अभी तक वह 106 बार रक्तदान कर चुके हैं। सिंह ने वर्ष 2019 में रक्तदान का शतक पूरा किया था। उन्होंने कोरोना काल में साथियों की मदद से 4 हजार से अधिक शवों का अंतिम संस्कार कराया है। उन्होंने वर्ष 1997 में नई दिल्ली में शहीद भगतसिंह सेवा दल नामक एनजीओ की स्थापना की, जो आपातकालीन परिस्थितियों में विभिन्न सेवा गतिविधियां संचालित करती है। इसमें जन साधारण के लिए निशुल्क एंबुलेंस सेवा, लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार, जरूरतमंदों को रक्तदान के माध्यम से रक्त उपलब्ध करवाया जाता है। इस दौरान समिति अध्यक्ष गुरुनामसिंह डंग, अजीत छाबड़ा, देवेंद्र वाधवा, सुरेंद्र भांमरा, हरजीत चावला सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य सहित समाजजन उपस्थित थे।
Website Design By
KAMAKSHI WEB
CONTACT : +91-9753910111


