कोरोना की मार : प्राइवेट के विद्यार्थियों का सरकारी स्कूलों में बढ़ा रुझान

कोरोना की मार : प्राइवेट  के विद्यार्थियों का सरकारी स्कूलों में बढ़ा रुझान

केके शर्मा

रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज।
सोमवार से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हुई। पहले दिन नाम मात्र विद्यार्थियों की उपस्थिति स्कूलों में रहीं। गत वर्ष की अपेक्षा अभी तक निजी स्कूलों के 30 प्रतिशत विद्यार्थियों ने शासकीय स्कूलों में प्रवेश लिया है। इसका कारण यह हैं कि कोरोना काल के कारण कई परिवारों की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई हैं।
कक्षा 9 से 12वीं तक के स्कूल 50 प्रतिशत विद्यार्थियों की उपस्थिति के बीच खुले। स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति तभी होगी जब अभिभावकों की सहमति हो। अभी भी कई पालक कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए अपने बच्चों को स्कूल में भेजने के लिए तैयार नहीं हैं। इधर शासकीय स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया भी चल रही है। 31 जुलाई तक स्कूलों में प्रवेश होना है। कोरोना काल के कारण पालक निजी स्कूलों से अपने बच्चों को निकाल रहे हैं और शासकीय स्कूलों में प्रवेश दिला रहे हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की माने तो इस बार निजी स्कूलों के करीब 30 प्रतिशत विद्यार्थियों ने सरकारी स्कूलों में प्रवेश लिया है। अंतिम तारीख तक और भी संख्या बढ़ने की उम्मीद हैं।


यह हैं उपस्थिति बढ़ने का कारण
जानकारों की माने तो निजी स्कूल से सरकारी स्कूलों में आने का कारण यह है कि पढ़ाई ऑनलाइन हो रही है, लेकिन फीस पूरी ली जा रही हैं। जबकि शासकीय स्कूलों में नाममात्र फीस और पढ़ाई भी ऑनलाइन हो रही हैं। कई परिवारों की आर्थिक स्थिति भी सही नहीं हैं। इस कारण गत वर्ष की अपेक्षा शासकीय स्कूलों की तरफ पालकों का रुझान बढ़ा हैं।

34 हजार से अधिक का हुआ नामांकन

कक्षा 9वीं से 12वीं तक सरकारी स्कूलों में कुल 34728 विद्यार्थियों का प्रवेश हो चुका है। पढ़ाई ऑन लाइन चल रही है। अभी भी कई विद्यार्थी न तो वाट्सअप ग्रुप से जुड़े और नहीं टीवी से पढ़ाई कर पा रहे हैं।

अभी तक प्रवेश व ऑन लाइन पढ़ाई से जुड़े विद्यार्थियों पर एक नजर
कक्षा 9वीं
कुल विद्यार्थी 10313
वाट्सएप 6337
टीवी 830

कक्षा 10वीं
कुल विद्यार्थी 10634
वाट्सएप 8093
टीवी 972

कक्षा 11वीं
कुल विद्यार्थी 7458
वाट्सएप 6006
टीवी 842

कक्षा 12वीं
कुल विद्यार्थी 6323
वाट्सएप 5620
टीवी 703

इनका कहना
स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया चल रही हैं। गत वर्ष की अपेक्षा निजी स्कूलों के विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी हैं।
केसी शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी, रतलाम

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