रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज।
सैलाना ओवर ब्रिज के समीप द्वारका रेजीडेंसी का आखिरकार टीएंडसीपी (टाउन एंड कंट्री प्लान) ने नक्शा निरस्त कर दिया। इस कार्रवाई से पहले मंगलवार शाम को शहर एसडीएम एवं नजूल अधिकारी अभिषेक गहलोत ने भी 2019 में जारी अनापत्ति प्रमाण-पत्र को निरस्त की कार्रवाई की। द्वारका रेजीडेंसी के नक्शे में ओपन लैंड एवं रोड लिखा होने के बाद भी नक्शा पास कर कटघरे में खड़े हुए टीएंडसीपी के अफसरों ने यह कार्रवाई राजस्व विभाग के अनापत्ति प्रमाण-पत्र को निरस्त करने के बाद की है। अब द्वारका रेजीडेंसी के बिल्डर जितेंद्र नागल सहित अन्य 14 पार्टनर के खिलाफ एफआईआर हो सकती है।
मालूम हो कि न्यायालय कलेक्टर द्वारा 11 अक्टूबर को दिए आदेश में साफ लिखा है कि 15 हजार 276 वर्गफीट भूमि बिल्डर जितेंद्र नागल के स्वामित्व की नहीं है, न ही सरकारी सडक़ के रुप में दर्ज है। इस आदेश के बाद द्वारका रेजीडेंसी को निर्माण अनुमति जारी करने में राजस्व विभाग, टीएंडसीपी सहित नगर निगम के अफसरों की भूमिका पर सवाल खड़े हुए। द्वारका रेजीडेंसी के लिए राजस्व विभाग के अफसरों ने सरकारी जमीन को रास्ता बताकर एनओसी जारी की तो नक्शे में ओपन लैंड एवं रोड लिखा होने के बाद भी टीएंडसीपी ने सांठगांठ कर नक्शा पास किया था। नगर निगम के अफसरों ने मौका मुआयना करे बिना बिल्डर जितेंद्र नागल पर इस कदर मेहरबान हुए कि निगम में बैठे-बैठे ही निर्माण अनुमति जारी कर दी थी। हालांकि कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने द्वारका रेजीडेंसी के बिल्डर जितेंद्र नागल सहित 14 अन्य पार्टनर से अवैध लाभ लेकर दी सुविधा के मामले में अफसरों की कर्मकुंडली तैयार कर प्रतिवेदन भोपाल भेजा है। बिल्डर के अलावा अब तीनों विभागों के वर्तमान और तत्कालीन अधिकारियों की सहभागिता पर भी राज्य शासन स्तर पर जल्द कार्रवाई की संभावना है।

फाइल फोटो
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