रंगदारी : रेलवे सीटीसीसी कार्यालय के बाबू के साथ मारपीट, प्रकरण दर्ज कराने के लिए रेल एसपी को लगाना पड़ा फोन

रंगदारी : रेलवे सीटीसीसी कार्यालय के बाबू के साथ मारपीट, प्रकरण दर्ज कराने के लिए रेल एसपी को लगाना पड़ा फोन

रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज।
रतलाम रेलमंडल के मुख्यालय जंक्शन पर एक बार फिर गुंडों-बदमाशों की रंगदारी सामने आई। रनिंग विभाग के पेटी कांट्रेक्टर के गुंडों ने दूसरों को काम मिलने पर मुख्यकर्षणकर्मी दल नियंत्रक ( सीटीसीसी) कार्यालय बाबू के साथ मारपीट की। पूर्व की तरह इस बार भी गुंडे-बदमाशों पर कार्रवाई के बजाए जीआरपी आरोपियों को बचाने में जुटी रही। अंतत: घटना के 4 घंटे बाद रेल एसपी तक मामला पहुंचने पर आरोपियों के खिलाफ मारपीट का प्रकरण दर्ज हुआ। बता दें कि रतलाम रेल मंडल मुख्यालय होने के बावजूद गुंडे-बदमाश रेलवे सीमा में अवैध धंधा करते हैं और उन्हें किसी अधिकारी-कर्मचारी द्वारा मनाही करने पर वह विवाद कर जान से मारने की धमकी देने से बाज नहीं आते।
सीटीसीसी कार्यालय के बाबू मनोज कुमार पिता बंशीलाल तायड़े ने बताया कि वह रविवार रात को प्लेटफॉर्म नंबर-7 पर थे। इस दौरान उनके पास ट्रेनों में पेटी चढ़ाने के कॉन्ट्रेक्टर नरेंद्र तिवारी पहुंचे और दोनों दस्तावेज संबंधित चर्चा कर रहे थे। इस दौरान मौके पर आरोपी पेटी कॉन्ट्रेक्टर जफर, परवेज एवं शोएब पहुंचे और उन्होंने कार्यालय अधीक्षक तायड़े के साथ विवाद कर मारपीट शुरू कर दी। तीनों आरोपियों ने कार्यालय अधीक्षक सहित नए कॉन्ट्रेक्टर तिवारी को धमकाया कि देखते हैं तुम यहां कैसे काम करोगे। सूत्रों के अनुसार रतलाम रेल मंडल मुख्यालय जंक्शन पर ट्रेनों में पेटी उतारने और चढ़ाने का नियमानुसार ठेका तो होता है लेकिन ठेकेदारों को स्थानीय बदमाश जफर, परवेज एवं शोएब डरा-धमका कर उससे काम छिन लेते हैं। बीती रात भी नए ठेकेदार नरेंद्र तिवारी को डराने धमकाने के साथ कार्यालय अधीक्षक तायड़े से मारपीट कर उन्हें जान से मारने की धमकी दी। गुंडे-बदमाशों के खिलाफ कार्यालय अधीक्षक जब जीआरपी थाने पर कार्रवाई करने पहुंचे तो यहां पर पुलिसकर्मी आरोपियों को संरक्षण देने के साथ उन्हें टालमटोल जवाब देते नजर आए। सुनवाई नहीं होने पर कार्यालय अधीक्षक तायड़े ने रेल एसपी को फोन लगाने के बाद थाना स्तर पर तीनों आरोपियों जफर, परवेज एवं शोएब के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज हुआ। जीआरपी थाना प्रभारी जेएल अहिरवार से मुद्दे पर चर्चा के लिए संपर्क किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं किया।
तीन माह पहले बदला कॉन्ट्रेक्टर
वहीं र्वतमान कॉन्ट्रेक्टर नरेंद्र तिवारी का कहना था कि तीन माह पहले भोपाल की केवीएस सिक्यूरिटी एजेंसी का कॉन्ट्रेक्ट मिला है। लेबर की व्यवस्था नहीं होने पर पुराने कॉन्ट्रेक्टर जफर के लेबर से ही काम लिया जा रहा था। हमारे पास लेबर की व्यवस्था होने पर कर्मचारियों को लेकर स्टेशन गए थे। विभाग के बाबू मनोज तायड़े को दस्तावेज संबंधी जानकारी देने के दौरान विवाद कर मारपीट कर धमकाया गया।

फोटो – जीआरपी थाने के बाहर खड़े फरियादी मनोज तायड़े व ठेकेदार नरेंद्र तिवारी।

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