अच्छी खबर : 15 दिसंबर से आवारा श्वानों का होगा बधियाकरण, जयपुर के एनजीओ से नगर निगम का अनुबंध

अच्छी खबर : 15 दिसंबर से आवारा श्वानों का होगा बधियाकरण, जयपुर के एनजीओ से नगर निगम का अनुबंध

रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज।
आवारा श्वानों के आतंक से शहरवासियों को जल्द छुटकारा मिलने की लंबे समय बाद एक अच्छी खबर प्रकाश में आई। 5 हजार आवारा श्वानों के बधियाकरण के लिए नगर निगम की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। टेंडर प्रक्रिया में भारतीय पशु कल्याण बोर्ड के दिशा-निर्देश के मुताबिक जयपुर की संतुलन जीव कल्याण संस्था से नगर निगम का अनुबंध पूरा हो चुका। अब संतुलन जीव कल्याण की ओर से 15 दिसंबर से शहर की सड़कों पर भ्रमण करने वाले आवारा श्वानों का बधियाकरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जुलवानिया ट्रेंचिंग ग्राउंड में श्वानों के बधियाकरण के लिए तैयार किए गए करीब 31 लाख रुपए की लागत से हॉस्पिटल का निर्माण पूरा हो चुका है। प्रदेश में डॉग बाइट में रतलाम दूसरे नंबर पर होने का मामला जिम्मेदारों के लिए चुनौती बन गया था। नगर निगम प्रशासक एवं कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं पर बधियाकरण के लिए निगम अधिकारियों को निर्देश जारी किए थे। इसी कड़ी में निगम के लोकनिर्माण विभाग की ओर से जारी की गई टेंडर प्रक्रिया में दिल्ली, राजस्थान, उत्तरप्रदेश सहित मध्यप्रदेश की तमाम एनजीओ ने दिलचस्पी लेकर हिस्सेदारी निभाई थी। आवारा श्वानों के बधियाकरण के लिए जारी मापदंडों पर टेंडर प्रक्रिया समिति ने जयपुर की संतुलन जीव कल्याण समिति को खरा पाते हुए उसे कार्य सौंपा। स्वीकृत एजेंसी की ओर से हॉस्पिटल में बधियाकरण से पूर्व श्वानों को पकड़ने से लेकर उसी स्थान पर छोड़ने की जिम्मेदारी के अलावा उपचार के दिनों में खुराक भी देनी होगी।
1 श्वान के बधियाकरण पर 1 हजार रुपए खर्च
एनीमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) प्रोग्राम के अंतर्गत 5 हजार श्वानों के बधियाकरण पर करीब 50 लाख रुपए खर्च होने की संभावना है। हालांकि टेंडर प्रक्रिया की कुल लागत 45 लाख रुपए दर्शाई गई है। निगम प्रशासन के अनुसार प्रारंभिक तौर पर संबंधित एनजीओ को 5 हजार श्वानों के बधियाकरण का टारगेट दिया है। संबंधित एनजीओ के डॉक्टर नियमानुसार उक्त कार्य करते हैं तो उन्हें दूसरे चरण में पुन: 5 हजार श्वानों के बधियाकरण का टारगेट देकर कार्य कराया जाएगा।
एनजीओ से हो चुका अनुबंध
एनीमल बर्थ कंट्रोल अंतर्गत आवारा श्वानों के बधियाकरण के लिए जुलवानियां ट्रेंचिंग ग्राउंड में हॉस्पिटल का निर्माण हो चुका है। बधियाकरण के लिए जयपुर की संतुलन जीव कल्याण का चयन हुआ है। संबंधित एजेंसी को एनीमल बर्थ कंट्रोल एक्ट के तहत आवारा श्वानों का बधियाकरण करना होगा। अस्पताल में पशु चिकित्सक की टीम के अलावा उपचार की समस्त सुविधाएं मौजूद रहेंगी। – सोमनाथ झारिया, कमिश्नर, नगर निगम रतलाम

Admin

Related post

Leave a Reply

Your email address will not be published.