Ratlam : कागज़ के फूलों जैसी हो गई है आज की दोस्ती, खुशबू गायब – महासाध्वी प्रफुल्ला श्री जी

- मित्रता दिवस पर धर्मसभा में कहा— जीवन में केवल 'कल्याण मित्र' ही बनाएं और खुद भी बनें

Advertisements
Advertisements
Friendship Day in Ratlam

रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। आधुनिक दौर की मित्रता पर चिंता जताते हुए महासाध्वी प्रफुल्ला श्री जी म.सा. ने कहा कि आज अधिकांश रिश्ते केवल दिखावे तक सीमित रह गए हैं। उन्होंने कहा कि “आजकल की दोस्ती कागज़ के फूलों जैसी हो गई है। देखने में सुंदर जरूर लगती है, लेकिन उसमें सच्चे समर्पण, आत्मीयता और विश्वास की खुशबू नहीं रही।”

Advertisements
Advertisements
Advertisements

रविवार को मित्रता दिवस (Friendship Day) के अवसर पर रतलाम (Ratlam) के नीमचौक स्थित जैन स्थानक में आयोजित विशेष धर्मसभा को संबोधित करते हुए महासाध्वी प्रफुल्ला श्री जी ने मित्रता के वास्तविक स्वरूप पर प्रेरक विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि मित्रता केवल साथ घूमने-फिरने या मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला पवित्र संबंध होना चाहिए।

Advertisements
Advertisements
Advertisements

महासाध्वी जी ने चार प्रकार के मित्र बताए

महासाध्वी श्री जी ने मित्रों को चार श्रेणियों में विभाजित करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को यह पहचानना चाहिए कि उसके जीवन में किस प्रकार के मित्र हैं। उन्होंने बताया कि ‘थाली मित्र’ केवल खाने-खिलाने तक सीमित रहते हैं, ‘प्याली मित्र’ की मित्रता पीने-पिलाने और मौज-मस्ती तक ही रहती है, ‘ताली मित्र’ केवल आपकी प्रशंसा कर तालियां बजाते हैं, जबकि ‘कल्याण मित्र’ वह होते हैं जो सुख-दुख में निस्वार्थ भाव से साथ खड़े रहते हैं, गलत राह पर जाने से रोकते हैं और सदैव सही मार्ग का मार्गदर्शन करते हैं।

सोशल मीडिया की मित्रता पर जताई चिंता

महासाध्वी श्री जी ने सोशल मीडिया के प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि आज फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर लोगों की फ्रेंड लिस्ट भले ही लंबी हो, लेकिन संकट की घड़ी में व्यक्ति स्वयं को अकेला महसूस करता है। उन्होंने कहा कि आज का युवा कई बार परिवार से अधिक दोस्तों को महत्व देने लगा है, जबकि वास्तविक मित्र वही है जो जीवन के हर मोड़ पर साथ निभाए। उन्होंने कहा कि मित्र बनाना गलत नहीं है, लेकिन केवल थाली, प्याली और ताली मित्रों की भीड़ बढ़ाने से जीवन में कोई सार्थकता नहीं आती। जीवन में हमेशा ‘कल्याण मित्र’ का चयन करना चाहिए।

भगवान महावीर का संदेश अपनाने का आह्वान

महासाध्वी श्री जी ने भगवान महावीर के वचनों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रभु महावीर का संदेश था— “संसार के सभी जीव मेरे मित्र हैं, मेरी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है।” उन्होंने कहा कि मित्रता दूध और पानी की तरह होनी चाहिए, जो एक-दूसरे में इस प्रकार घुल-मिल जाते हैं कि अलग नहीं किए जा सकते। उन्होंने कृष्ण-सुदामा, राम-सुग्रीव तथा भगवान महावीर और गौतम स्वामी की मित्रता को आदर्श बताते हुए कहा कि इन संबंधों में निस्वार्थता, समर्पण और विश्वास की सर्वोच्च मिसाल देखने को मिलती है।

सद्गुरु से मित्रता जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य

धर्मसभा के समापन पर महासाध्वी प्रफुल्ला श्री जी ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि यदि जीवन में सद्गुरु से मित्रता हो जाए तो मनुष्य भवसागर से पार उतर सकता है। उन्होंने सभी को संदेश दिया कि स्वयं भी ‘कल्याण मित्र’ बनें और अपने जीवन में ऐसे ही मित्रों का चयन करें।

Advertisements
Advertisements

Website Design By

KAMAKSHI WEB

CONTACT : +91-9753910111


 

Aseem Raj Pandey
Aseem Raj Pandeyhttp://www.vandematramnews.com
वर्ष-2000 से निरतंर पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विगत 22 वर्षों में चौथा संसार, साभार दर्शन, दैनिक भास्कर, नईदुनिया (जागरण) सहित अन्य समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल वंदेमातरम् न्यूज के प्रधान संपादक की भूमिका का निर्वहन। वर्ष-2009 में मध्यप्रदेश सरकार से जिलास्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार के अलावा रतलाम प्रेस क्लब के सक्रिय सदस्य। UID : 8570-8956-6417 Contact : +91-8109473937 E-mail : asim_kimi@yahoo.com

Latest news

Related news

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here
Captcha verification failed!
CAPTCHA user score failed. Please contact us!