जीआरपी पूर्व थाना प्रभारी मिश्रा को उच्च न्यायालय से नोटिस जारी

जीआरपी पूर्व थाना प्रभारी मिश्रा को उच्च न्यायालय से नोटिस जारी

रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज।
उच्च न्यायालय इन्दौर ने रतलाम जीआरपी के पूर्व थाना प्रभारी अजय कुमार मिश्रा को रतलाम मण्डल में कार्यरत डिप्टी सीटीआई व्दारकेश अय्यर के पक्ष में दिए गए अग्रिम जमानत का आदेश का पालन के लिए 5 लाख रुपए की रिश्वत नहीं देने पर न्यायालय के आदेश की अवमानना पर नोटिस जारी किया है।
न्यायामूर्ति शैलेन्द्र शुक्ला व्दारा न्यायालय अवमानना का जीआरपी रतलाम के पूर्व थाना प्रभारी मिश्रा को सूचना पत्र जारी कर 22 अक्टूबर- 2021 को उच्च न्यायालय खण्डपीठ इन्दौर के समक्ष उपस्थित रहने का आदेश दिया है। उच्च न्यायालय के समक्ष पश्चिम रेलवे रतलाम मण्डल में पदस्थ डिप्टी सीटीआई व्दारकेश अय्यर के अधिवक्ता गौरव पांचाल ने पक्षकार की ओर से बताया कि पुलिस थाना जीआरपी रतलाम पर मुम्बई निवासी एक महिला व्दारा दिनांक 23 फरवरी – 2021 को एक लिखित आवेदन दिया था, जिसमें उसके साथ दो बत्ती स्थित स्वाद होटल में डिप्टी सीटीआई व्दा्रा बलात्कार किए जाने का आरोप लगाया था। उक्त आवेदन पर पूर्व थाना प्रभारी अजय कुमार मिश्रा व्दारा महिला के कथन लिए गए और घटनास्थल स्वाद होटल थाना स्टेशन रोड़ के क्षेत्राधिकार का होने से उक्त महिला को मय महिला आरक्षक व शासकीय वाहन से थाना स्टेशन रोड़ पर एफआईआर दर्ज करवाए जाने के लिए भेजा गया था, जिसे थाना स्टेशन रोड पर प्राप्त भी किया गया था। इसके पश्चात उक्त महिला और उसके षडयंत्रकारी साथियों ने उपरोक्त आवेदन को छुपाकर एक नया शिकायत आवेदन थाना स्टेशन रोड़ पर घटनाक्रम और घटनास्थल परिवर्तित कर दिया गया जिसमें उसके साथ रेलवे कालोनी के क्वार्टर में बलात्कार किया जाना बताया गया और इस आवेदन पर थाना स्टेशन रोड़ पर धारा 376 (एन), 366 व अन्य धाराओं में अपराध पंजीबध्द किया गया और घटनास्थल रेलवे क्वार्टर थाना जीआरपी रतलाम के क्षेत्राधिकार का होने से इस एफआईआर को अग्रिम विवेचना के लिए थाना जीआरपी पर भेज दिया गया।

फरियादी महिला से षणयंत्र रचने का भी संगीन आरोप

रेलकर्मी की ओर से अग्रिम जमानत आवेदन सत्र न्यायालय और उच्च न्यायालय खण्डपीठ इन्दौर के समक्ष गौरव पांचाल की ओर से प्रस्तुत किया गया था। जहां अजय कुमार मिश्रा व्दारा फरियादी महिला से षडयंत्र कर उसकी ओर से थाना जीआरपी पर पूर्व में प्रस्तुत शिकायत आवेदन और अन्य महत्वपूर्ण तथ्य छुपाए गए तथा रेलकर्मी की ओर से प्रस्तुत अग्रिम जमानत आवेदन निरस्त करवाने के लिए गैरकानूनी प्रक्रियाओं का लाभ लेकर फरियादी का साथ दिया। इसके पश्चात भी उच्च न्यायालय व्दारा रेलकर्मी की ओर से प्रस्तुत अग्रिम जमानत आवेदन दिनांक 8 मई-2021 को स्वीकार किया गया और रेलकर्मी को गिरफ्तार किए जाने पर उसे जमानत पर छोड़े जाने तथा रेलकर्मी को 17 मई-2021 को थाना जीआरपी रतलाम पर अनुसंधान अधिकारी अजय कुमार मिश्रा के समक्ष अग्रिम कार्यवाही हेतु उपस्थित होने का आदेश दिया गया था। आदेश के पालन में रेलकर्मी अजय कुमार मिश्रा के पास उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करने के लिए और अग्रिम अनुसंधान की कार्यवाहियों में भाग लेने के लिए गया लेकिन अजय कुमार मिश्रा ने उसे अग्रिम जमानत पर रिहा करने और उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करने के एवज में पांच लाख रुपए रिश्वत की मांग की, जिसकी शिकायत रेलकर्मी व्दारा जीआरपी एसपी इन्दौर सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को की लेकिन उनके व्दारा अजय कुमार मिश्रा के विरुध्द पूर्व से ही कई विभागीय जांच लम्बित रहने और गम्भीर प्रकृति की शिकायत होने पर भी कोई कार्यवाही नहीं की गई जबकि इस दौरान थाना जीआरपी रतलाम पर निरीक्षक सिसोदिया की नियुक्ति की जा चुकी थी और अजय कुमार मिश्रा जो उस समय उपनिरीक्षक के पद पर पदस्थ थे थाना प्रभारी का कार्य सम्हाल रहे थे और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों व्दारा एक उपनिरीक्षक से एक निरीक्षक को चार्ज दिलवाए जाने का आदेश नहीं किया जा रहा था।
रेलकर्मी व्दारा अजय कुमार मिश्रा की अवैधानिक मांग को पूरा न किए जाने पर उन्हें धमकाया गया और इसके पश्चात अजय कुमार मिश्रा ने उक्त महिला व्दारा महाराष्ट्र के अन्य थाना पर उक्त रेलकर्मी के विरुध्द दर्ज करवाए गए एक अन्य प्रकरण में उसे थाना जीआरपी रतलाम पर दिनांक 17 मई-2021 को पहुंचने के पूर्व ही गिरफ्तार करवाने का षडयंत्र महाराष्ट्र पुलिस और उक्त महिला के साथ किया गया था।

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