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Sunday, September 25, 2022

स्वराज महोत्सव : हिंदू जागरण मंच ने निकाली अखण्ड भारत संकल्प यात्रा, तिरंगा थामे हजारों युवा हुए शामिल

रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज।
शहर में हिन्दू जागरण मंच द्वारा 75वें स्वराज अमृत महोत्सव कार्यक्रम के साथ ही अखण्ड भारत संकल्प दिवस यात्रा का रैली के रूप में आयोजन रविवार शाम 5 बजे किया गया। हिन्दू जागरण मंच के बैनर तले 5 हजार से अधिक युवा हाथों में तिरंगा व भगवा ध्वज लिये कतारबद्ध होकर मुख्य मार्गों से निकले। यह अब तक कि शहर में निकली सबसे भव्य तिरंगा यात्रा थी। हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत हिन्दू जागरण मंच ने 3 हजार के लगभग तिरंगे ध्वज भी नागरिकों में वितरित किये।


संत देवस्वरूपानंदजी, ज्ञानी मानसिंहजी (सिख समाज) व जावरा के संत श्रीसुधारक जी के सानिध्य में यात्रा शाम 5 बजे जैन स्कूल, सागोद रोड़ से प्रारम्भ हुई जो शहर के मुख्य मार्गों से होती हुई अम्बेडकर ग्राउंड पर पहुंची। जहां पहुंचकर भारत माता की आरती के साथ अखण्ड भारत संकल्प दिवस यात्रा का समापन किया गया। इस दौरान मालवा प्रान्त महामंत्री नेपालसिंह डोडिया, रतलाम विभाग संयोजक मनोहर पडियार, जिलाध्यक्ष राजेश कटारिया, महामंत्री कैलाश यादव, उपाध्यक्ष महेश डोडियार, सिद्धार्थ पंड्या, जिला मंत्री राकेश कुमावत, जगदीश पाटीदार, युवा वाहिनी संयोजक विनोद शर्मा, संपर्क प्रमुख कमलेश ग्वालियरी, बेटी बचाओ प्रमुख बलवीर सिंह सोढी, जिला प्रचार प्रमुख कुलदीप माहेश्वरी सहित जिला व थाना इकाई के पदाधिकारी उपस्थित रहे। आयोजन में शहर के जनप्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। जिसमें प्रमुख रूप से पूर्व गृहमंत्री हिम्मत कोठारी, शहर विधायक चेतन्य काश्यप, महापौर प्रहलाद पटेल, पूर्व निगम अध्यक्ष अशोक पोरवाल आदि मौजूद रहे।

आपको बता दें कि देशभर में स्वतन्त्रता दिवस के एक दिन पूर्व 14 अगस्त को अखण्ड भारत संकल्प दिवस मनाया जाता है। हिन्दू संगठनों का ऐसा मानना है की 15 अगस्त को हमें आजादी मिली और वर्षों की परतंत्रता की रात समाप्त हुई। मगर स्वतन्त्रता की खुशी के साथ हमें मातृभूमि के विभाजन का गहरा घाव भी सहन करना पड़।

आजादी के समय स्वार्थ व हठधर्मिता के कारण 14 अगस्त 1947 में भारत को आजादी का कर्ज एक अलग मुस्लिम देश बनाकर चुकाना पड़ा। इसके अलावा भारत की सीमाएं अफगानिस्तान, श्रीलंका, नेपाल, भूटान सहित दूर तक फैली थी। अखंडता का मार्ग सांस्कृतिक है, न कि सैन्य कार्रवाई। भारत की अखंडता का आधार भूगोल से ज्यादा संस्कृति और इतिहास है। इसी विभाजन की विभीषिका को 14 अगस्त अखण्ड भारत संकल्प दिवस मनाया जाता है।

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