
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। मध्य प्रदेश के रतलाम (Ratlam) की आईडीबीआई बैंक (IDBI BANK) में 1 करोड़ 21 लाख रुपए गबन के मामले में कोर्ट ने तत्कालीन कैशियर सुरेश मीणा को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। आरोपी ने गबन की गई रकम में से करीब 79.79 लाख रुपए ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप में लगा दिए थे। अभियुक्त को सजा सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव ने सुनाई है। अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने बताया कि सुरेश मीणा का मासिक वेतन करीब 29 हजार रुपए था, लेकिन उसके खातों में लाखों रुपए का लेनदेन मिला था, जो कि पूरे प्रकरण में आरोपी को सजा दिलाने का मजबूत आधार बना।
जानकारी के अनुसार सुरेश मीणा, निवासी ग्राम माचड़ी (जिला करौली, राजस्थान), 17 जनवरी 2022 से आईडीबीआई बैंक की किरण टॉकीज रोड (नाहरपुरा शाखा) में कैशियर के रूप में पदस्थ था। 10 अगस्त 2023 को शाखा में नकदी का मिलान किया गया तो सिस्टम में 1 करोड़ 46 लाख 39 हजार 664 रुपए दर्शाए जा रहे थे, जबकि बैंक में केवल 25 लाख 39 हजार 664 रुपए ही मिले। जांच में 1 करोड़ 21 लाख रुपए की कमी सामने आई थी।
कैश काउंटर और सेफ डिपॉजिट से निकाली थी राशि
पूछताछ में अभियुक्त सुरेश मीणा ने स्वीकार किया था कि उसने अलग-अलग दिनों में बैंक के कैश काउंटर और सेफ डिपॉजिट वॉल्ट से नकदी निकाल ली थी। इसके बाद थाना माणक चौक में उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 409 के तहत केस दर्ज किया गया था।
गबन की रकम ऑनलाइन सट्टेबाजी में
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी अपनी बहन के एसबीआई खाते का भी इस्तेमाल करता था। उसने उस खाते से अपना मोबाइल नंबर लिंक करा रखा था और फोनपे व पेटीएम के जरिए राशि अपने खाते में ट्रांसफर करता था। जांच में यह भी सामने आया कि गबन की रकम में से 79 लाख 79 हजार रुपए उसने ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप में लगा दिए थे।
गबन में CCTV बना अहम सुराग
बैंक और एटीएम के सीसीटीवी फुटेज भी जांच में अहम साक्ष्य बने। फुटेज में आरोपी बैंक बंद होने के बाद काउंटर के नीचे से नोटों की गड्डियां बैग में रखते हुए दिखाई दिया। वहीं एसबीआई के एटीएम में बड़ी रकम जमा करते हुए भी वह कैमरे में कैद हुआ था।
रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किए लाखों रुपए
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अपने रिश्तेदारों के खातों में लाखों रुपए ट्रांसफर किए और बाद में वही राशि वापस अपने खाते में मंगवा ली। पूछताछ में रिश्तेदारों ने बताया कि सुरेश मीणा ने जमीन बेचने का हवाला देकर उनके खातों का उपयोग किया था।
70 लाख रुपए की मांग से खुला था मामला
आईडीबीआई बैंक में जिला सहकारी बैंक का भी खाता संचालित था। जिला सहकारी बैंक ने 70 लाख रुपए नकद मांगे तो कैशियर ने राशि देने से इनकार कर दिया। इस पर शाखा प्रबंधक किशोर कुमार तंवर ने रीजनल ऑफिस इंदौर को सूचना दी। रीजनल ऑफिस से अधिकारी प्रिया सिसोदिया रतलाम पहुंचीं और बैंक स्टाफ की मौजूदगी में नकदी का सत्यापन कराया। जांच में 1 करोड़ 21 लाख रुपए की कमी सामने आई और गबन का खुलासा हुआ था।
Website Design By
KAMAKSHI WEB
CONTACT : +91-9753910111


