किसान ट्रेनों की आय, पेसेंजर से एक्सप्रेस बना रेलवे

किसान ट्रेनों की आय, पेसेंजर से एक्सप्रेस बना रेलवे

रतलाम, वंदे मातरम् न्यूज।
कोरोना काल के दौरान रेलवे द्वारा चलाई गई किसान ट्रेनों की आय से रेलवे को आर्थिक संकट से उभरने में मदद मिली है। हालांकि रेलवे की पिछले साल की तुलना वर्ष 2020-21 वित्तीय वर्ष में कुल आय में भी इजाफा हुआ है। इसमें पेसेंजर, गुड्स, कैटरिंग व पार्किंग आय सर्वाधिक रही है। मगर अधिकारियों का मानना है कि किसान ट्रेन से भी रेलवे को 5.28 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय मिली है।
बता दे कि रेलवे के वाणिज्य विभाग ने पश्चिम रेलवे जोन स्तर पर सर्वाधिक कमाई की। इस वजह से विभाग को महाप्रबंधक अवॉर्ड दिया गया।
रतलाम मंडल से चलाई 25 ट्रेनें
रेल मंत्रालय के आदेश के बाद कोविड के दौरान रतलाम मंडल द्वारा 25 ट्रेनों का परिचालन किया। रतलाम स्टेशन से 5 जबकि इंदौर से 20 ट्रेनें चलाई गई। इससे रेलवे को अतिरिक्त कमाई हुई।
ट्रेनें कम चली फिर भी पार्किंग आय
कोविड के दौरान पर्याप्त ट्रेनों का परिचालन नहीं हुआ। इसके बावजूद मंडल में पार्किंग आय में करीब 1 लाख रुपए अधिक इज़ाफ़ा हुआ। पार्किंग से कुल 16 लाख रुपए मिले।
इन मदों में इतनी कमाई
पेसेंजर आय

-लक्ष्य 114.46 करोड़ रुपए।
कमाई 127.14 करोड़ रुपए।
-गुड्स आय
लक्ष्य 1403.33 करोड़ रुपए।
कमाई 1515.76 रुपए।
-पार्सल आय (किसान रेल आय शामिल)
लक्ष्य 9.64 करोड़ रुपए।
कमाई 19.6 करोड़ रुपए।
-विज्ञापन आय
लक्ष्य 163 लाख रुपए।
कमाई 173 लाख रुपए।
-पार्किंग आय
लक्ष्य 6.13 लाख रुपए।
कमाई 15.35 लाख रुपए।

-कुल आय
लक्ष्य 1529.21 करोड़ रुपए।
कमाई 1671.18 करोड़ रुपए।

इनका कहना
रतलाम मंडल के वाणिज्य विभाग ने पिछले साल की तुलना इस बार बेहतर आय अर्जित की है। कुल आय 1671.18 करोड़ रुपए हुई। यह जोन स्तर पर सर्वाधिक है। इसलिए महाप्रबंधक अवॉर्ड पाने में हम कामयाब रहे है।
-अमित कुमार साहनी, मंडल वाणिज्य प्रबंधन रतलाम।

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