इंदौर हाईकोर्ट की पुलिस को फटकार : चार वर्ष के बालक व पिता को उठाकर रातभर थाने में रखने का मामला

इंदौर हाईकोर्ट की पुलिस को फटकार : चार वर्ष के बालक व पिता को उठाकर रातभर थाने में रखने का मामला

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– कोर्ट ने टीआई से पूछा कि थाने में रातभर कस्टडी में रखने का अधिकार पुलिस को किसने दिया ?

इंदौर, वंदेमातरम् न्यूज।  मध्य प्रदेश के आर्थिक राजधानी इंदौर पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सुर्खियां बंटोर रही है। दरअसल मामला राजेंद्र नगर थाने की पुलिस द्वारा मंगलवार रात कोर्ट के आदेश के बिना चार वर्ष के बालक व पिता को उठाकर रातभर थाने में रखने का है। बुधवार को हाई कोर्ट इंदौर में लगाई गई बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की तत्काल सुनवाई हुई। इसमें कहा गया कि पति और पत्नी में विवाद के चलते पति के पास रह रहे बच्चे व पिता को महिला की शिकायत पर रातभर थाने में कस्टडी में रखने का अधिकार पुलिस को किसने दिया ? जज के सवाल पर राजेंद्र नगर थाने के टीआई जवाब नहीं दे सके और पूरे समय कोर्ट में मुंह नीचे किए खड़े रहे। 

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कोर्ट ने फटकार लगाते हुए यह भी कहा कि पुलिस को बच्चे को हिरासत में रखने का अधिकार नहीं है। इस दौरान भोपाल से पहुंची महिला ने हाई कोर्ट में हंगामा भी किया। सुनवाई में कोर्ट के निर्देश पर राजेंद्र नगर थाने के टीआई और अन्य पुलिसकर्मी भी हाजिर हुए। सुनवाई के बाद फिलहाल कोर्ट ने बालक को उसकी मां को सौंप दिया। बच्चे की कस्टडी को लेकर कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया। बता दें कि मंगलवार रात राजेंद्र नगर थाने की पुलिस बालक व पिता यूसुफ को घर से उठा लाई और रातभर थाने में रखा। यूसुफ के स्वजन को पुलिस ने जानकारी दी कि पत्नी की शिकायत पर बच्चे व उसके पिता को उठाया है। अगले दिन बुधवार को अधिवक्ता धर्मेंद्र गुर्जर व विकास यादव ने हाई कोर्ट इंदौर में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका लगाकर इस आधार पर तत्काल सुनवाई की मांग की कि पुलिस को मासूम बच्चे को कस्टडी में लेने का अधिकार नहीं है। इस पर डिवीजन बेंच ने तत्काल सुनवाई कर फैसला सुरक्षित रख लिया।

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दंपती के बीच चल रहा विवाद

दरअसल, राजेंद्रनगर निवासी दंपती यूसुफ फिल्मवाला व उसकी पत्नी के बीच विवाद चल रहा है, साथ ही फैमिली कोर्ट इंदौर में तलाक का केस भी चल रहा है। इनके दो पुत्र हैं, जिनमें चार साल का बड़ा बेटा इंदौर में पिता के पास और छोटा भोपाल में मां के पास रहता है।

बच्चे को सौंपा मां के हवाले

सुनवाई के दौरान महिला भी हाई कोर्ट पहुंच गई और कोर्ट कक्ष के बाहर हंगामा किया कि उसे उसका बच्चा नहीं मिला तो खुदकुशी कर लेगी। वकीलों ने उसे समझाया। उधर, हाई कोर्ट ने अधिवक्ता के तर्क सुनने के बाद कहा कि चूंकि इनका प्रकरण फैमिली कोर्ट में चल रहा है इसलिए हाई कोर्ट बच्चे की कस्टडी तय नहीं कर सकती। फिलहाल बच्चे को उसकी मां को सौंप दिया जाए। कोर्ट बाद में निर्णय देगी। पुलिस ने बच्चे व उसकी मां को भोपाल भिजवा दिया।

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Aseem Raj Pandey
Aseem Raj Pandeyhttp://www.vandematramnews.com
वर्ष-2000 से निरतंर पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विगत 22 वर्षों में चौथा संसार, साभार दर्शन, दैनिक भास्कर, नईदुनिया (जागरण) सहित अन्य समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल वंदेमातरम् न्यूज के प्रधान संपादक की भूमिका का निर्वहन। वर्ष-2009 में मध्यप्रदेश सरकार से जिलास्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार के अलावा रतलाम प्रेस क्लब के सक्रिय सदस्य। UID : 8570-8956-6417 Contact : +91-8109473937 E-mail : asim_kimi@yahoo.com

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