माफिया अभियान : सूद खोर दीपू टांक के आलीशान मकान पर चली पोकलेन, तीस से अधिक दर्ज है FIR

माफिया अभियान : सूद खोर दीपू टांक के आलीशान मकान पर चली पोकलेन, तीस से अधिक दर्ज है FIR

रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज।
शहर में आपराधिक प्रवृत्ति, गुंडों, बदमाशों के अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का अभियान लगातार जारी है। मंगलवार दोपहर के प्रशासन ने दीनदयाल नगर मेनरोड पर बनाए गए एक आलीशान मकान पर पोकलेन मशीन व जेसीबी से चलाई। यह मकान दीपक उर्फ दीपू टांक का था जिससे पर सूदखोरी व अन्य अपराधों की तीस से अधिक पुलिस प्रकरण दर्ज है। दोपहर में जैसे ही कार्रवाई हुई तो दीपू टांक की तरफ से एक वकील ने आकर न्यायालय के स्टे आदेश की प्रति दिखाई, अधिकारियों ने पहले आदेश की प्रतिलिपी का परीक्षण किया। पांच से दस मिनट रुकने के बाद घर के अंदर से लोगों को बाहर निकाल कर मकान तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी।

शुक्रवार से शहर में शुरू की गई गुंडा विरोधी मुहिम लगातार जारी है। दोपहर में अपर कलेक्टर एमएल आर्य, एएसपी इंद्रजीत बाकरवाल, एसडीएम अभिषेक गहलोत, निगम उपायुक्त विकास सोलंकी, सीएसपी हेमन्त चौहान, तहसीलदार गोपाल सोनी भारी पुलिस बल के साथ दीनदयाल नगर पहुंचे। निगम द्वारा मकान को एमओएस से अधिक निर्माण के चलते नगर निगम द्वारा तोडने का नोटिस दिया गया था। लाल निशान से मार्किंग भी की गई थी।
दिखाना पड़ी सख्ती
जैसे ही पोकलेन से मकान तोडने की शुरुआत की गई, मकान में मौजूद लोगों ने इसका विरोध किया, लेकिन अधिकारियों की सख्ती के कारण विरोध का कोई असर नहीं दिखा पाया। इसके बाद कुछ ही क्षण में वकील पंकज रजक ने वहां पंहुचकर न्यायालय का स्टे आर्डर अधिकारियों को दिखाया। अभिभाषक ने अधिकारियों को बताया उक्त भवन के लिए न्यायालय द्वारा स्थगनादेश प्रदान किया गया है। ऐसी स्थिति में इस भवन को तोडा नहीं जा सकता। अधिकारियों ने न्यायालय के आदेश का अध्ययन करने के बाद कुछ देर रुकने के बाद मकान तोड़ने की कार्यवाही को पुन: शुरु करवा दिया। इस दौरान दोनों तरफ से भी रास्ता बंद कर दिया। भीड़ एकत्र होने पर पुलिस को भी सख्ती दिखाना पड़ी।
वकील ने कहा न्यायालय की अवमानना की
एडवोकेट पंकज रजक का कहना था कि न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद अधिकारी जानबूझकर न्यायालय की अवमानना कर रहे है। कोर्ट ऑफ कंडेमड का केस लगाया जाएगा। एसडीएम अभिषेक गेहलोत ने बताया कि उक्त मकान में एमओएस से अधिक निर्माण किया गया है। नगर निगम द्वारा उक्त भवन स्वामी को नोटिस दिया गया था। इसी परिप्रेक्ष्य में एमओएस से अधिक किए गए निर्माण को नगर निगम द्वारा तोडा गया है। प्रशासन के अधिकारी कानून व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिए मौजूद थे।

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