दो साल बाद भी नहीं खुला महालक्ष्मी जी का खजाना, सजावट होगी या नहीं संशय बरकरार

दो साल बाद भी नहीं खुला महालक्ष्मी जी का खजाना, सजावट होगी या नहीं संशय बरकरार

केके शर्मा

रतलाम, वन्देमातरम् न्यूज।
मध्यप्रदेश के रतलाम में प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर का दान पात्र दो साल बाद भी नहीं खुल पाया है। आगामी माह में दीपावली का पर्व है। ऐसे में मंदिर को इस बार भी नोटों से सजाया जाएगा।
बता दे कि शहर के माणकचौक स्थित महालक्ष्मी मंदिर का दान पात्र 18 अक्टूबर 2019 को खोला गया था। इसके बाद आज तक दान पात्र नहीं खोला गया। जबकि 27 अक्टूबर 2019 व 14 नवम्बर 2020 की दीपावली भी निकल गई है। इस दौरान भी मंदिर नोटों से सजाया गया था। काफी भक्त भी दर्शन के लिए यहां आए थे। मंदिर की व्यवस्था देखने मे अधिकारी भी केवल दीपावली तक ही सीमित रहे। इसके अलावा कभी ध्यान नहीं दिया।

रतलाम का महालक्ष्मी मंदिर।

शासन के अधीन है मंदिर
महालक्ष्मी मंदिर शासकीय है। मंदिर में पांच दिवसीय दीपोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। काफी समय से मन्दिर एवं गर्भ गृह को श्रद्धालुओं द्वारा दी गई नकदी व हीरे-जवाहरात व आभूषणों से सजावट की जाती है। मंदिर की सजावट के लिए शहर के अलावा अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग नकदी व अन्य सामान लेकर मंदिर आते है। हर बार दीपावली के पहले या बाद में मंदिर का दान पात्र खोला जाता है, लेकिन पिछले दो साल से दान पात्र नहीं खोला गया।
सजावट होगी या नही अधिकारी देखेंगे व्यवस्था
अगले माह दीपावली है। मंदिर में पांच दिवसीय दीपोत्सव मनाया जाता है। करीब 10 दिन पहले से ही तैयारी शुरू हो जाती है। मंदिर के पुजारी ने भी सजावट को लेकर प्रशासकीय अधिकारियों से संपर्क भी किया है।

दान पात्र खुलने पर यह मिल चुकी है राशि

  • 19 अक्टूम्बर 2019 को 1 लाख 41 हजार 307 रुपए
  • 05 जनवरी 2019 को 2 लाख 14 हजार 354 रुपए

सजावट को लेकर अधिकारियों से बात हुई है। मंदिर आकर व्यवस्था देखने को कहा है। – पंडित संजय पुजारी, महालक्ष्मी मंदिर

मंदिर जाकर व्यवस्था देखी जाएगी। दान पात्र को भी शीघ्र खोला जाएगा। – गोपाल सोनी, तहसीलदार रतलाम

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