


रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। मध्य प्रदेश के रतलाम (Ratlam) जिले में मानसून की बेरूखी ने परेशानी बढ़ा दी है। 15 सितंबर से मानसून की विदाई का दौर शुरू हो जाएगा, ऐसे में मानसून का रूठना अब किसानों के साथ आमजनता को भी परेशान कर सकता है। गत वर्ष अभी तक रतलाम जिले में 48 इंच बारिश दर्ज हो चुकी थी। मानसून के वर्तमान दौर में रतलाम जिले में अभी तक सिर्फ 22 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो कि गत वर्ष से 26 इंच कम है।
बता दें कि रतलाम (Ratlam) में रविवार दोपहर बाद हल्की बूंदाबांदी के बाद भादौ की पहली मूसलाधार बारिश हुई। ग्रामीण अंचलों में कुछ देर तक पानी गिरा है। 1 जून से लेकर अब तक रतलाम में 21.95 इंच बारिश हुई। जो सामान्य से 40 फीसदी कम है। जबकि गत वर्ष इस समय तक 48.16 इंच बारिश हो चुकी थी। गत वर्ष 4 सितंबर 2025 तक धोलावाड़ डेम के पांच गेट खोले जा चुके थे। लेकिन इस बार मानसून की विदाई में सिर्फ एक दिन शेष रहने के बाद भी एक भी गेट नहीं खुल पाया।
आज इन जिलों में भारी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को रतलाम, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, राजगढ़, गुना और श्योपुर में भारी बारिश का दौर रहेगा। वहीं, भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने का अनुमान है।
15 से कमजोर होगा सिस्टम
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि 14 सितंबर 2026 को भी पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है। यानी 13 सितंबर की बारिश को एक अकेली घटना के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। निम्न दबाव क्षेत्र के राजस्थान-गुजरात की दिशा में आगे बढऩे के दौरान मध्य प्रदेश के पश्चिमी जिलों में वर्षा का प्रभाव आगामी कुछ दिन तक बना रह सकता है। हालांकि, 15 सितंबर के बाद प्रदेश में बारिश की तीव्रता और प्रसार में धीरे-धीरे कमी आने का पूर्वानुमान है। सात दिन के पूर्वानुमान में पश्चिमी मध्य प्रदेश में कभी तेज तो कभी हल्की बारिश होने की संभावना है।
नहीं खुले धोलावाड़ डेम के गेट
बारिश की लंबी खेंच से किसानों की मुसीबतें बढ़ गई है। खेतों में फसले सुखने की कगार पर है। इस बार शहर की प्यास बुझाने वाले धोलावाड़ डेम का एक भी गेट नहीं खुल पाया है। जबकि पिछले साल 4 सितंबर 2025 तक डेम के कैचमेंट एरिया में भारी बारिश के कारण 6 में से 5 गेट तीन-तीन मीटर खोले गए थे। लेकिन इस बार एक बार भी गेट नहीं खुल पाया। डेम का जल स्तर अधिकतम 395 मीटर है। रात को धोलावाड़ क्षेत्र से लगे क्षेत्रों में बारिश होने के कारण पानी का लेवल आज सुबह तक 390 मीटर पर आया है। पीएचई के एसडीओ आरएस मीणा के अनुसार पर्याप्त बारिश नहीं होने से डेम वर्तमान में 5 मीटर खाली है। अगर बारिश नहीं होती है तो आगामी समय में पेयजल से लेकर खेती-किसानी को लेकर समस्या आना है।
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