कामयाबी : स्पोर्ट्स कोटे से भर्ती होकर महिलाओं को मानसिक और शारीरिक मजबूती के गुर सीखा रही इंस्पेक्टर शकुंत चौधरी

कामयाबी : स्पोर्ट्स कोटे से भर्ती होकर महिलाओं को मानसिक और शारीरिक मजबूती के गुर सीखा रही इंस्पेक्टर शकुंत चौधरी

रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज।
महिलाएं पढ़ी-लिखी होंगी तो वह अपने अधिकारों की रक्षा कर सकेंगी। समाज में महिलाओं को महिलाओं के हित में अग्रसर रहकर मदद करना चाहिए। यह कहना है मोहाली (पंजाब) की विजिलेंस ब्यूरो इंस्पेक्टर शकुंत चौधरी का। वंदेमातरम् न्यूज से विशेष चर्चा के दौरान इंस्पेक्टर चौधरी ने बताया कि परेशानियां सभी के सामने आती हैं कुछ उससे हार मानकर गलत कदम उठा लेते हैं तो कुछ परेशानियों को चुनौती मानकर विजय हासिल करते हैं। एमए तक पढ़ाई कर वर्ष-1994 में पंजाब पुलिस में स्पोर्ट्स कोटे से भर्ती इंस्पेक्टर शकुंत चौधरी ने ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर और मलेशिया सहित कई अन्य देशों के मैदानों में प्रतिद्ंदियों को जुडो में परास्त कर एशियन और अनेकों नेशनल मैडल हासिल कर भारत सहित पंजाब राज्य का नाम रोशन किया।

इंस्पेक्टर शकुंत चौधरी, विजिलेंस ब्यूरो-मोहाली (पंजाब)

पुलिस में भर्ती होने के बाद भी इंस्पेक्टर शकुंत चौधरी मेहनत से पीछे नहीं हटी और उन्होंने वर्ष-1999 में पटियाला के एनआईएस से जुडो में ब्लैक बैल्ट हासिल कर कोच की डिग्री प्राप्त कर छात्राओं को समाज के विरोधियों से बचने के लिए सुरक्षा के गुर सीखा रही हैं। कोविड-19 की महामारी में समाज में बेहतर सेवा करने के साथ निष्ठा पूर्वक ड्यूटी करने पर इंस्पेक्टर शकुंत चौधरी को पंजाब पुलिस के डीजीपी दिनकर गुप्ता के हाथों भी श्रेष्ठ कार्य के लिए पुरस्कृत का मौका मिला। वंदेमातरम् न्यूज से चर्चा के दौरान इंस्पेक्टर चौधरी ने बताया कि वर्तमान में समाज में महिलाओं के प्रति अपराध की संख्या में इजाफा हुआ है। उन्होंने बताया कि इस सामाजिक बुराइयों को दूर करने के साथ उन्नति के लिए समाज की सभी वर्ग की बालिकाओं और महिलाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत होना बहुत जरूरी है। महिलाएं साक्षर होकर अपने अधिकारों को समझने के साथ ही समाज के साथ राष्ट्र के विकास को गतिमान भी बनाती हैं।

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