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Thursday, May 30, 2024

मामला कॉन्वेंट स्कूल का : प्रशासन तो डरता है – पुलिस को आगे करता है, एबीवीपी का चक्काजाम प्रदर्शन, दो छात्राएं अचेत

रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज।
शहर के सेंट जोसफ कॉन्वेंट स्कूल में 3 माह पूर्व नाबालिक छात्रा की आत्महत्या के मामले में अब तक पुलिस की एसआईटी और जिला प्रशासन की बाल कल्याण समिति की जांच पूरी नहीं होने पर एबीवीपी (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ) ने सोमवार को कलेक्टर कार्यालय के बाहर मोर्चा खोल दिया। रतलाम कलेक्ट्रेट के बाहर फोरलेन मार्ग पर सैंकड़ों विद्यार्थी के साथ 2 घंटे से चक्काजाम करते हुए प्रशासन तो डरता है पुलिस को आगे करता है…, जिला प्रशासन मुर्दाबाद जैसे नारे लगा रहे है। प्रदर्शन कर रही दो छात्राएं भी इस दौरान बेहोश हो गई। मौके पर मौजूद परिषद के कार्यकर्ता कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम को बुलाने की बात पर अड़े हुए है। कार्यकर्ताओं की मांग है कि ज्ञापन कलेक्टर स्वयं आकर ले। सीएसपी के साथ पुलिस बल भी मौके पर मौजूद है। सेंट जोसफ कॉन्वेंट स्कूल में छात्रा की मौत के मामले में पुलिस और प्रशासन की खानापूर्ति कार्रवाई ने अधिकारियों को सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है।

प्रशासन के खिलाफ आक्रोश क्यो ?
सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल में नाबालिग छात्रा आलिशान पिता लेब्रियस लोमगा निवासी उड़ीसा ने 9 दिसम्बर 2021 की रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद मालूम हुआ था कि छात्रा नन (सिस्टर) बनने की ट्रेनिंग लेने उड़ीसा से यहां आई थी। इसके बाद जांच में सामने आया था कि और भी छात्राएं इस प्रकार से स्कूल परिसर में संचालित अवैध होस्टल में रहकर ट्रेनिंग ले रही हैं। स्कूल संचालक या स्टाफ होस्टल संचालन की अनुमति नहीं बता पाया था। वहीं मामला पूरी तरह से धर्मान्तरण का होना भी मालूम हुआ था। जिसमे कई आदिवासी छात्राएं भी शामिल थी।
छात्रा की मौत संदिग्ध थी। मामले में तत्कालीन एसपी गौरव तिवारी ने एसआईटी गठित करते हुए जांच को 7 दिनों में पूरी करने की बात कही थी।
इसी मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से नोटिस आने के बाद जिला प्रशासन के द्वारा जिला बाल कल्याण समिति को जांच सौंपी गई थी। समिति ने प्रमुख बिंदुओं पर जांच पूरी करते हुए उक्त रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी दी, मगर आज तक उस जांच को सार्वजनिक नहीं किया गया।

बेहोश हुई छात्रा

होस्टल अधीक्षक को हटाने की मांग

एबीवीपी नगर मंत्री मंथन मुसले ने बताया कि हाल ही में जिले के दो अलग – अलग छात्रवासों के वीडियो वायरल हुए। जिसमें एक छात्रावास शहर के उत्कृष्ट स्कूल तथा दूसरा छात्रावास बाजना के उत्कृष्ट स्कूल का हैं। दोनों ही वीडियो में छात्रावास के अंदर छात्र व छात्राएं अनैतिक कार्य करते हुए देखे जा सकते है। मामले में होस्टल अधीक्षक को निलंबित करने व जांच की मांग की गई। इसके अलावा शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, सागोद रोड़ पर है। जहां पर शहर के नागरिकों के साथ – साथ  प्रतियोगिता परीक्षा जैसे आर्मी, पुलिस, रेलवे आदि की तैयारी करने वाले विद्यार्थी भी आते हैं। ऐसे में वर्तमान में उत्कृष्ट स्कूल के प्राचार्य सुभाष कुमावत द्वारा कलेक्टर के आदेश का हवाला देते हुए मैदान में आमजन व तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के आवगमन पर प्रतिबंध कर दिया है। जिसे जल्द खोलने की मांग भी की।

प्रर्दशन करते एबीवीपी कार्यकर्ता
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