कलेक्टर की चिंता : बाढ़ नियंत्रण पर बगैर प्लानिंग के बैठक में आये अफसरों को जमकर लताड़ा, बारिश ने मचाया था तब आहाकार

कलेक्टर की चिंता : बाढ़ नियंत्रण पर बगैर प्लानिंग के बैठक में आये अफसरों को जमकर लताड़ा, बारिश ने मचाया था तब आहाकार

रतलाम, वन्देमातरम् न्यूज।
कलेक्टर कार्यालय में जिला स्तरीय बाढ़ एवं आपदा नियंत्रण समिति की बैठक बुधवार दोपहर को सम्पन्न हुई। जिसमें कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने सख्त लहजे में समस्त अनुविभागीय अधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ एवं आपदा नियंत्रण से संबंधित एक्शन प्लान दो दिन में बना कर प्रस्तुत करें। दरअसल बैठक में मौजूद अधिकारियों ने बाढ़ एवं आपदा से निपटने के लिए कोई कार्य योजना नहीं बनाई। कलेक्टर के द्वारा कार्ययोजना के पूछे जाने पर कोई अधिकारी सन्तुष्ट जवाब नहीं दे पाए। इस लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कलेक्टर सूर्यवंशी ने अफसरों से दो टूक कहा की वर्षाकाल समीप है और यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर करना प्रत्येक विभागीय अधिकारी का दायित्व है। गौरतलब है की पिछले वर्ष आई बारिश ने रतलाम जिले के कई क्षेत्रों में बाढ़ के हालात निर्मित किये थे। जिसमें प्रशासन के पास कोई ठोस कार्ययोजना नहीं होने से आमजन को काफी समस्या का सामना करना पड़ा था। शहर में जलभराव की स्थिति का मुख्य कारण शहर का ड्रेनेज सिस्टम सामने आया था।
बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी , सीईओ जिला पंचायत श्रीमती जमुना भिड़े, एडीएम एम.एल. आर्य, डीएफओ डी.एस. डुडवे, नगर निगम आयुक्त सोमनाथ झारिया सहित समस्त अधिकारी मौजूद थे। कलेक्टर ने आपदा प्रबंधन के लिए कंट्रोल रूम के साथ मोबाइल नम्बर भी जारी किये।

क्षेत्रों में वास्तविक आंकलन हो
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि सभी विभागों का यह दायित्व है कि वह अपनी योजना बनाएं और उसमें यह ध्यान रखें कि आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों का वास्तविक आंकलन हो। एक्शन प्लान बनना चाहिए और इस एक्शन प्लान में प्रत्येक नगरीय क्षेत्र या ग्राम क्षेत्र का भौगोलिक परिचय शामिल हो। इसके साथ ही पिछले वर्षों में वहां वर्षाकाल के दौरान उत्पन्न स्थिति का विवरण हो। वहां पर बहने वाली नदी-नालों की जानकारी हो। एक्शन प्लान में यह भी बताया जाए कि जल प्रभावित क्षेत्रों में कौन-कौन से नदी -नालों में जलभराव होता है। यदि बड़े बांधों वाले क्षेत्र हों तो जल भराव क्षमता की जानकारी दें। क्षेत्र की जानकारी भी दी जाए कि वहां कितने लोग निवासरत है और अधिक वर्षा की स्थिति में उन्हें कहां स्थानांतरित किया जा सकता है।
कलेक्टर ने कहा कि हर विभाग के इस एक्शन प्लान की जानकारी सभी संबंधित विभागों को होना चाहिए। विभागीय अधिकारी अपना एक्शन प्लान समस्त एसडीएम से साझा करें। अपना कम्युनिकेशन सिस्टम मजबूत बनाएं। अन्य विभागों से समन्वय बनाए रखें। इसके साथ ही जिला स्तर और विकासखंड स्तर पर भी निरंतर संपर्क बनाते हुए अपनी प्रचार प्रसार प्रणाली को मज़बूत करें।

कलेक्टर सूर्यवंशी ने कहा कि वर्षाकाल के दौरान पेयजल की काफी परेशानी होती है । उसमें कई तरह की अशुद्धियां रहती है । ऐसे में शुद्ध पेयजल लोगों को उपलब्ध हो इसके लिए क्लोरीन, ब्लीचिंग पाउडर आदि भी पर्याप्त मात्रा में रखें। सफाई और पेयजल के लिए अपने कर्मचारियों की ड्यूटी लगाना सुनिश्चित करें। वर्षा जनित उत्पन्न स्थितियों के मुकाबले के लिए अन्य उपकरण भी तैयार रखें। तैराकों एवं गोताखोरों की सूची रखें। उन्होंने होमगार्ड कमांडेंट को निर्देश दिए कि वह अपने समस्त आपदा उपकरण व्यवस्थित कर आपदा वाले क्षेत्रों के लिए प्लान बनाएं । उन्होंने कहा कि कार्रवाई इस तरह के होना चाहिए कि वह निर्देशात्मक न हो बल्कि उसे धरातल पर भी इंप्लीमेंट किया जाए।
जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में बाढ़ ,अतिवृष्टि की आशंका है उनका पूर्व निरीक्षण किया जाए। पुलिस थानावार टीम का सत्यापन कर ले। आपदा नियंत्रण टीम की सूची भी सम्बन्धित थाना प्रभारी को उपलब्ध करवा दी जाए।

बाढ नियंत्रण कक्ष स्थापित, नम्बर किये जारी
कलेक्टर ने जिले में वर्षाकाल में बाढ एवं अतिवृष्टि से उत्पन्न समस्याओं के निराकरण एवं जनमानस की सुरक्षा के लिए किए जाने वाले उपायों के सम्बन्ध में जिला स्तर पर बाढ नियंत्रण कक्ष की स्थापना की है। भू-अभिलेख कार्यालय में स्थापित बाढ नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नम्बर 07412-270416 है एवं इसके अतिरिक्त कार्यालय कलेक्टर अधीक्षक का दूरभाष क्रमांक 07412-270408 है। वर्षा के दौरान घटित किसी भी प्रकार के आपदा की सूचना श्री रमेशसिंह सिसौदिया मो.नं. 9329308372 पर भी दी जा सकती है। आपदा नियंण कक्ष 15 जून से क्रियाशील होकर 15 अक्टूबर तक प्रभावशील रहेगा। बाढ नियंत्रण कक्ष के लिए 41 अधिकारियों, कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है।
इसी तरह नगर पालिक निगम रतलाम में भी बाढ एवं आपदा नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है जिसका दूरभाष क्रमांक 07412-270563 है। रतलाम शहर हेतु अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) संजीव केशव पाण्डेय, रतलाम ग्रामीण के लिए अनुविभागीय अधिकारी सुश्री कृतिका भीमावत, आलोट के लिए अनुविभागीय अधिकारी सुश्री मनीषा वास्कले, सैलाना के लिए अनुविभागीय अधिकारी सुश्री कृतिका भीमावत तथा जावरा के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) हिमांशु प्रजापति नियुक्त किए गए हैं।
रतलाम शहर तथा रतलाम ग्रामीण में आपदा नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नम्बर 07412-270409 है। आपदा नियंत्रण कक्ष जावरा में 07414-220266, सैलाना में 07413-248630, बाजना में 07413-275267, आलोट में 07410-230428, पिपलौदा में 07414-293904, ताल में 07410-275267, रावटी में 07415-270323 तथा कार्यालय भू-अभि. रतलाम में राजस्व निरीक्षक गुलाबसिंह परिहार को 07412-270416 पर जानकारी दी जा सकती है।

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