श्रम कानून में किए गए प्रस्तावित बदलाव को रद्द किया जाए, श्रम संगठनों ने की मांग, दिया धरना

श्रम कानून में किए गए प्रस्तावित बदलाव को रद्द किया जाए, श्रम संगठनों ने की मांग, दिया धरना

रतलाम, वन्देमातरम् न्यूज।
26 नवंबर को किसान आंदोलन के एक वर्ष पूर्ण होने के साथ प्रस्तावित नए श्रम कानून को निरस्त करने के ट्रेड यूनियन के आंदोलन को भी एक वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। संपूर्ण देश के मेहनतकश मजदूर किसान अपनी एकता बनाकर हल्ला बोल रहे हैं एवं सरकार से खेती किसानी और श्रम कानून बचाने के लिए सरकार से पुनः मांग कर रहे हैं। जिस प्रकार किसान कानून को रद्द किया गया है उसी प्रकार एमएसपी कानून जैसी अन्य मांगों का शीघ्र निराकरण किया जाए। साथ ही श्रम कानून में किए गए प्रस्तावित बदलाव को भी रद्द किया जाए, जिससे श्रमिक एवं सर्वहारा वर्ग को राहत मिले।
यही मांग करते हुए श्रम संगठनों की संयुक्त समिति रतलाम के अध्यक्षअश्वनी शर्मा के नेतृत्व में विभिन्न ट्रेड यूनियन संघ के पदाधिकारी आईएल पुरोहित, हरीश यादव, कीर्ति शर्मा, गीता देवी राठौर, प्रियेश शर्मा, मनोज पाण्डेय, हरीश सोनी, रघुवीर शर्मा, जसुवा मोहन, मनोज असाटी, नंद गढ़वाल एवं अन्य श्रमिक नेता द्वारा पावर हाउस रोड पर धरना प्रदर्शन किया। नारों के साथ रैली निकालकर क्षेत्रीय सांसद गुमान सिंह डामोर के नाम उनके कार्यालय प्रमुख एनएस चौहान को एवं विधायक चेतन काश्यप के नाम का विधायक कार्यालय प्रमुख मणिलाल जैन को ज्ञापन सौंपा।
आंदोलन के प्रारंभ में संविधान दिवस पर उपस्थित नेताओं द्वारा संविधान की विशेषता पर जोर डाला एवं साथ ही अनुरोध किया कि केंद्र सरकार संवैधानिक मूल्यों एवं दायित्व का निर्वहन ईमानदारी एवं कर्तव्य निष्ठा के साथ करें। आम नागरिकों के अधिकारों को पूर्ण संरक्षण प्रदान किया जाए। ज्ञापन का वाचन प्रियेश शर्मा ने किया। कार्यक्रम संचालन हरीश सोनी एवं आभार मनोज पाण्डेय ने व्यक्त किया।

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