– गाड़ी से दूध वितरण के 1.38 लाख के बिल का भुगतान करने के लिए मांगी थी रिश्वत
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। जिला मुख्यालय स्थित सांची दुग्ध संयंत्र के तत्कालीन प्रबंधक गणपतलाल बिरम (49) और तत्कालीन एसपीओ सौरभ जैन (29) को 4-4 साल के सश्रम कारावास की सजा दी है। साथ ही 4-4 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। दोनों अधिकारियों ने सांची दुग्ध वितरक व ड्राइवर रमित जैन से बिल का भुगतान करने के एवज में 10 हजार रुपए की रिश्वत ली थी। फैसला विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) आदित्य रावत ने दिया है।

जिला अभियोजन अधिकारी गोविंद प्रसाद घाटिया एवं विशेष लोक अभियोजक कृष्णकांत चौहान ने बताया कि 3 मई 2019 को अमृतसागर कॉलोनी निवासी रमित (29) पिता चंद्रशेखर जैन ने लोकायुक्त उज्जैन में शिकायत की थी। इसमें बताया था कि मेरे पास सांची दूध की एजेंसी है और मैं सह परिवहनकर्ता का काम भी करता हूं। मैंने अपने वाहन से दूध का वितरण किया था और दुग्ध संयत्र में 6 महीने का 1 लाख 38 हजार रुपए का बिल पेश किया था। इस पर प्रबंधक बिरम ने बिल का भुगतान कराने के एवज में 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। आरोपी की रिकॉर्डिंग के बाद 16 मई 2019 को लोकायुक्त ने कार्रवाई की थी। रमित ने सांची दुग्ध संयंत्र में मुख्य आरोपी तत्कालीन प्रबंधक बिरम निवासी दुग्ध संघ क्वार्टर को रिश्वत के 10 हजार रुपए दिए तो उसने पास में खड़े तत्कालीन एसपीओ (सेल्स प्रमोशन संगठक) सौरभ जैन निवासी दुग्ध संघ क्वार्टर को रुपए दे दिए। दोनों के खिलाफ कोर्ट में दोष सिद्ध होने पर 4-4 साल के सश्रम कारावास की सजा दी है। साथ ही 4-4 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक कृष्णकांत चौहान ने की।
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