तलाम, वंदेमातरम् न्यूज। रतलाम जिले में झोलाछाप का कहर रुकने का नाम नहीं ले रहा है। रावटी में एक मासूम की मौत के बाद अब सरवन में एक 14 साल के किशोर की जान चली गई। उल्टी-दस्त से पीड़ित किशोर को झोलाछाप ने दो इंजेक्शन लगाए, जिससे तबीयत और बिगड़ गई और इलाज के लिए ले जाते वक्त उसने रास्ते में दम तोड़ दिया।
सरवन थाना क्षेत्र के ग्राम सांखड़ निवासी पप्पू (14) को उल्टी-दस्त की शिकायत पर परिजन प्राइवेट क्लिनिक में अशोक मईड़ा के पास ले गए थे। अशोक ने पप्पू को दो इंजेक्शन और कुछ दवाइयां दीं। इसके बाद परिजन उसे घर ले आए। अगले दिन इंजेक्शन वाली जगह पर सूजन आ गई जो पैर तक फैल गई। तबीयत बिगड़ती देख परिजन उसे सकरावदा के एक और क्लिनिक में ले गए, लेकिन इलाज से मना कर दिया गया।
रास्ते में टूटी अंतिम सांस, घर लौटा शव
बुधवार सुबह परिजन पप्पू को रतलाम मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में भेरूघाटा के पास उसकी मौत हो गई। शव को वापस गांव लाया गया और फिर सरवन थाने में सूचना दी गई। पुलिस ने शव को मेडिकल कॉलेज भेजा, जहां पैनल द्वारा पोस्टमार्टम किया गया।
झोलाछाप फरार, सिस्टम खामोश
किशोर की मौत की खबर फैलते ही अशोक मईड़ा ने अपना क्लिनिक बंद कर भाग खड़ा हुआ। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश है। यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले रावटी में भी एक 6 साल की बच्ची की जान झोलाछाप की वजह से गई थी। इसके बावजूद न स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटी और न ही झोलाछापों पर शिकंजा कस पाया।
गरीबी और लापरवाही ने छीनी ज़िंदगी
मृतक किशोर पप्पू अपने माता-पिता और चार भाई-बहनों के साथ मजदूरी करने वाले परिवार का हिस्सा था। पिता हूकिया और मां अंतर बाई के पास बेहतर इलाज का साधन नहीं था। अब परिजन लापरवाही का आरोप लगाकर इंसाफ की मांग कर रहे हैं।
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