
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। मध्य प्रदेश के रतलाम (Ratlam) शहर में गुरुवार को गौ-अवशेष मिलने की घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। राजीव गांधी सिविक सेंटर क्षेत्र में गाय का कटा सिर और अन्य अवशेष मिलने की सूचना पर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। घटना को लेकर नाराज कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर करीब पांच घंटे तक चक्काजाम किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
सड़क पर किया हनुमान चालीसा का पाठ
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सड़क पर गौ-अवशेष रखकर विरोध जताया। इस दौरान हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों से स्पष्ट कार्रवाई का आश्वासन नहीं मिलेगा और मामले के दोषियों पर सख्त कदम नहीं उठाए जाएंगे, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

विहिप-बजरंग दल ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल से जुड़े पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि जिले में इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन प्रशासन और पुलिस प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे। संगठन के प्रतिनिधियों का कहना है कि हर बार आश्वासन तो मिलता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस परिणाम दिखाई नहीं देता। निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि शहर से पकड़े गए गोवंश को अव्यवस्थित तरीके से छोड़ा जाता है, जिससे समस्याएं बढ़ रही हैं।
गौ-रक्षा कार्यकर्ताओं को धमकियों का दावा
प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि गौ-रक्षा गतिविधियों से जुड़े लोगों को लगातार धमकियां मिल रही हैं। उनका कहना था कि इस तरह के मामलों में सक्रिय लोगों को डराने और दबाव बनाने की कोशिशें होती हैं।
कमिश्नर को मौके पर बुलाने की रही मांग
प्रदर्शनकारी लोकेंद्र टॉकीज चौराहे से सैलाना बस स्टैंड की ओर बढ़ने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में रोक दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने नगर निगम कमिश्नर अनिल भाना को मौके पर बुलाने और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर दोबारा धरना शुरू कर दिया। स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। शहर के कई थाना प्रभारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कानून-व्यवस्था संभालने में जुटे रहे।
विवादित जमीन से जुड़ा है मामला
जिस स्थान पर गौ-अवशेष मिलने की बात सामने आई, वह क्षेत्र पहले से भूमि विवाद और कथित फर्जी रजिस्ट्री मामले को लेकर चर्चा में रहा है। प्रदर्शनकारी संगठनों ने इलाके में अवैध गतिविधियों और अतिक्रमण को लेकर भी सवाल उठाए। स्थानीय लोगों के अनुसार, इससे पहले भी इसी क्षेत्र में ऐसी घटना सामने आ चुकी है।
प्रशासन ने दिया कार्रवाई का भरोसा
मामले में रतलाम (Ratlam) अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर सात दिन के भीतर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रशासन ने संबंधित क्षेत्र में अवैध निर्माण और अन्य शिकायतों की जांच कर उचित कदम उठाने की बात कही। इसके बाद संगठनों ने फिलहाल अपना आंदोलन स्थगित कर दिया।
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