
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। चार लाख रुपये के उधार को ब्याज जोड़कर 29 लाख रुपये बताने, युवक का अपहरण कर उसे कार में बंधक बनाकर रतलाम (Ratlam) लाने और दबाव बनाकर तीन बीघा जमीन अपने नाम कराने की साजिश रचने के मामले में बिलपांक पुलिस ने मुख्य आरोपी सराफा कारोबारी (bullion-trade) यश छाजेड़ (28) को न्यायालय में पेश किया। दो दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपी यश छाजेड़ की (Ratlam) चांदनी चौक स्थित शांति छाजेड़ ज्वेलर्स के नाम से सराफा दुकान (bullion-trade) है। इस मामले में उसके साथ कान्हा जाट, अजय उर्फ अज्जू जाट, प्रदीप जाट और धर्मेंद्र उर्फ भूरा जाट भी आरोपी हैं। चारों फिलहाल फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
शादी के लिए लिया था चार लाख का उधार
ग्राम ढिकवा निवासी जितेंद्र जाट ने पुलिस को बताया कि उसके पिता कैलाश जाट और माता-श्यामाबाई ने उसके भाई धर्मेंद्र की शादी के लिए यश छाजेड़ से करीब चार लाख रुपये उधार लिए थे। इसके बदले यश ने सुरक्षा के नाम पर हस्ताक्षर किए हुए दो कोरे चेक अपने पास रख लिए थे। शिकायत के अनुसार वर्ष 2021 तक जितेंद्र फसल की आमदनी से किश्तों में रकम चुकाता रहा, लेकिन आरोपी ने कभी भुगतान की रसीद नहीं दी। रसीद मांगने पर वह केवल हस्ताक्षर करवाकर भुगतान दर्ज होने की बात कहता था। बाद में भाई धर्मेंद्र की कैंसर से मौत होने के कारण भुगतान नियमित नहीं हो सका। इसी बीच आरोपी ने ब्याज जोड़कर चार लाख रुपये की देनदारी को बढ़ाकर 29 लाख रुपये बता दिया था।
ट्रैक्टर से उतारकर कार में बैठाया, रतलाम ले गए
एफआईआर के अनुसार 28 मई 2026 को जितेंद्र गांव के सिनोद रोड स्थित तालाब के पास ट्रैक्टर चला रहा था। तभी काले रंग की एक्सयूवी में सवार कान्हा जाट, अजय उर्फ अज्जू जाट, प्रदीप जाट और धर्मेंद्र उर्फ भूरा जाट वहां पहुंचे। आरोप है कि चारों ने उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज करते हुए जबरन कार में बैठाया और कहा कि जब तक विवाद खत्म नहीं होगा, उसे छोड़ेंगे नहीं। इसके बाद उसे रतलाम ले जाया गया।
ओटीपी लेकर खरीदा एक हजार रुपये का स्टाम्प
शिकायत के मुताबिक जितेंद्र को आरोपी कोर्ट चौराहे के पास ले गए थे, जहां यश छाजेड़ भी पहुंचा। आरोप है कि विरोध के बावजूद जितेंद्र, उसके पिता, माता और पत्नी के आधार कार्ड की जानकारी लेकर ऑनलाइन स्टाम्प विक्रेता के माध्यम से एक हजार रुपये का कोरा स्टाम्प खरीदा गया। इसके लिए सभी के मोबाइल पर आए ओटीपी भी आरोपियों ने प्राप्त किए थे। जितेंद्र का आरोप है कि यश छाजेड़ ने धमकी देते हुए कहा कि अब उसके पिता के नाम की तीन बीघा जमीन उसकी हो गई है और अगले दिन पत्नी के मोबाइल पर आने वाला ओटीपी भी देने को कहा।
आरोपियों के चंगुल से भागा था
इसके बाद आरोपी उसे कार से बदनारा रोड स्थित पेट्रोल पंप की ओर ले गए। रास्ते में जितेंद्र ने पेशाब जाने का बहाना बनाया और मौका मिलते ही कार से उतरकर भाग निकला। घर पहुंचने के बाद उसने पूरी घटना परिजनों को बताई।
रुपये नहीं देने पर हत्या और जमीन कब्जाने की धमकी
शिकायत के अनुसार 29 मई 2026 को अजय उर्फ अज्जू जाट ने फोन कर फिर से ओटीपी मांगा। 30 मई को आरोपी जितेंद्र के घर पहुंचे और उसके बारे में पूछताछ की। इसके बाद 8 जून और 21 जून 2026 को भी आरोपियों ने घर पहुंचकर धमकी दी कि यदि यश छाजेड़ की बताई रकम नहीं दी गई तो जितेंद्र और उसके पिता की हत्या कर दी जाएगी तथा जमीन पर कब्जा कर लिया जाएगा।
डर के कारण देर से दर्ज कराई शिकायत
थाना प्रभारी अय्यूब खान ने बताया कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण फरियादी काफी भयभीत था, इसलिए उसने तत्काल पुलिस में शिकायत नहीं की। शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई और मुख्य आरोपी यश छाजेड़ को गिरफ्तार कर न्यायालय से दो दिन का पुलिस रिमांड लिया था। रिमांड समाप्त होने पर उसे दोबारा कोर्ट में पेश किया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। मामले के अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
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